स्‍कूल के सीवरेज टैंक में मिले शव मामले में खुलासा


नई दिल्ली ब्यूरो। खिचड़ीपुर सात-ब्लॉक स्थित पूर्वी दिल्ली नगर निगम के स्कूल में हुई असलम उर्फ मटरू की हत्या कर शव को सीवरेज टैंक में डालने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मटरू अपने दोस्त मुहम्मद नूर के साथ स्कूल से बड़ी मर्करी लाइट चोरी करने गया था। माल के बंटवारे को लेकर हुए झगड़े में दोस्त ने उसे छत से नीचे धक्का दे दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। कहीं नौकरी न चली जाए इस डर से स्कूल के चौकीदार ने राजकुमार ने शव का टैंक में डाल दिया। पुलिस ने नूर और राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने नूर के पास से स्कूल से चाेरी की गई सात लाइट और अन्य सामान बरामद किया है। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर 12:30 स्कूल के सीवरेज टैंक से एक युवक का शव मिला था। मृतक की पहचान असलम के रूप में हुई। वह स्कूल से सटी झुग्गियों में रहता था। जांच में मृतक की मां ने बताया उसे आखिरी बार झुग्गी में रहने वाले नूर के साथ देखा था। पुलिस ने एसीपी कल्याणपुरी जितेंद्र पटेल के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अभय नारायण यादव, एटीओ राजीव रंजन, एसआइ अमित चौधरी व अन्य की टीम बनाई। टीम जब नूर के घर पहुंची तो वह गायब था। टीम ने उसे उसके एक रिश्तेदार के घर से दबोच लिया। पूछताछ में नूर ने बताया कि स्कूल के पास एक पेड़ है, उस पेड़ पर चढ़कर असलम और वह स्कूल में दाखिल हुए थे। लाइट चोरी करने के बाद दोनों के बीच चोरी के माल के बंटवारे को लेकर झगड़ा हो गया। गुस्से में उसने असलम को छत से नीचे धक्का दे दिया और खुद चोरी का माल लेकर फरार हो गया। पुलिस को शव के साथ एक प्लास्टिक की शीट मिली। उस शीट के जरिये ही शव को टैंक में डाला गया था। जांच में पता चला इस तरह की शीट स्कूल के स्टोर रूम में है। जिसकी चाबी सुरक्षा गार्ड राजकुमार के पास रहती है। पुलिस का शक उसपर गहराया, सख्ती से पूछताछ में उसने अपना गुनाह कुबूल लिया। स्कूल में शव देखकर वह घबरा गया था, नौकरी जाने के डर से शव को टैंक में डाल दिया था।