काले जादू की किताब पढ़कर दी थी बच्ची की बलि! संतान प्राप्ति के लिए दंपती ने खाया कलेजा

संतान की चाहत में मासूम का कलेजा खाने वाला दंपती सुनैना व परशुराम।

  • कानपुर में बच्ची की बलि के मामले में खुलासा, काला जादू ऐंगल
  • दंपती ने दहला देने वाली वारदात से पहले काले जादू की किताब बढ़ी
  • संतान प्राप्ति के लिए बच्ची के लिवर, फेफड़े समेत कई अंगों को खाया
  • घाटमपुर के गांव में घर से लापता 6 साल की बच्ची का मिला था शव
कानपुर ब्यूरो। दिवाली की रात बच्ची की बलि देकर उसका कलेजा खाने वाले दंपती को पुलिस ने जेल भेज दिया है। तफ्तीश में सामने आया है कि बच्ची का दिल खाने वाले दंपती संतान प्राप्ति के लिए काले जादू की किताबें पढ़ते थे। वे तरह-तरह के अनुष्ठान करते थे। दंपती ने बताया है कि काले जादू की किताब में लिखा था कि दिवाली की रात बच्ची की बलि देकर उसका कलेजा खाने से संतान प्राप्ति होगी। पति ने अपने भतीजे को पैसे का लालच देकर बच्ची की हत्या कराई थी। पति-पत्नी ने बच्ची के शारीरिक अंगों को अपना निवाला बनाया था।घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 6 साल की बच्ची के साथ दहला देने वाली घटना के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है। दिवाली की शाम 6 साल की बच्ची घर के बाहर से अचानक लापता हो गई थी। बच्ची के परिजन और पड़ोसी पूरी रात बच्ची की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला था। दिवाली के अगले दिन (रविवार) बच्ची का शव काली मंदिर के पास सरसों के खेत में क्षत-विक्षत हालत में मिला था। हत्यारे बच्ची के दोनों फेफड़े, दिल और लिवर निकालकर ले गए थे। पड़ोस में रहने वाला अंकुल बच्ची को चिप्स दिलाने के बहाने बहला-फुसला कर ले गया था। अंकुल और वीरेन ने पहले शराब पी थी और फिर बच्ची के साथ गैंगरेप किया था। इसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर उसके शरीर के अंगों को निकाल ले गए थे।

दंपती के नहीं थी एक भी संतान
आरोपी दंपती परशुराम और सुनैना की शादी 1999 में हुई थी। शादी के 21 साल बीत जाने के बाद पति-पत्नी के एक भी संतान नहीं थी। परशुराम और सुनैना संतान प्राप्ति के लिए तरह-तरह के जादू-टोने और तंत्र-मंत्र करते थे। बताया जा रहा है कि परशुराम रेलवे स्टेशन से एक काले जादू की किताब लेकर आया था, जिसमें संतान प्राप्ति की विधि लिखी थी। काले जादू की किताब में लिखा था कि दिवाली की रात बच्ची का दिल खाने से संतान की प्राप्ति होगी। दंपती ने बच्ची की हत्या कर उसका कलेजा लाने के लिए अपने भतीजे अंकुल को चंद रुपयों का लालच दिया था। अंकुल ने वीरेन के साथ मिलकर बच्ची की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसके दोनों फेफड़े, दिल और लिवर पॉलीथीन में भर कर चाचा-चाची को दिए थे। 'नरपिशाच' चाचा-चाची ने बच्ची के दिल और शरीर के अंगों को खाया था। बीते रविवार को बच्ची का शव काली मंदिर के पास खेतों के बीच मिला था। ग्रामीणों ने की सूचना पर पुलिस गांव में पहुंची थी। पुलिस बच्ची के संबंध में ग्रामीणों से पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान एक 12 साल की बच्ची ने पुलिस को बताया कि अंकुल नाम का युवक बच्ची को लेकर जा रहा था। पुलिस ने अंकुल को हिरासत में ले लिया और उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरा घटनाक्रम पुलिस के सामने रख दिया।
परिजनों ने खुलासे पर उठाए सवाल
परिजनों का आरोप है कि बच्ची के लापत अंगों का पुलिस सुराग नहीं लगा पा रही है। बच्ची के पिता ने आरोप लगाया है कि बच्ची के अंगों की तस्करी भी हो सकती है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच होनी चाहिए। किसी निर्दोष को सजा ना दी जाए।