भाजपा विधायक के मामा का हत्यारा हिंदू युवा वाहिनी का पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र त्यागी गिरफ्तार, विधायक ने पुलिस की जांच पर उठाए सवाल


 गाजियाबाद ब्यूरो। भाजपा विधायक अजित पाल त्यागी के मामा नरेश त्यागी की हत्या में हिंदु युवा वाहिनी का पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र त्यागी गिरफ्तार किया गया है। विधायक के बड़े भाई गिरीश त्यागी और जितेंद्र त्यागी ने हत्या की योजना बनाई थी। दोनों शूटर्स को सुपारी देकर हत्या से दो दिन पहले योजनाबद्ध तरीके से लखनऊ चले गए थे। हड़बड़ाहट में गिरीश त्यागी ने अपना मोबाइल बन्द कर लिया था। उसके बाद दोनों विभिन्न शहरों में फरार रहे। ये जानकारी सिहानी गेट थाने में एसपी सिटी ने प्रेसवार्ता के दौरान दी। नरेश त्यागी हत्याकांड में पुलिस एक वांछित को हिरासत में लेकर खुलासे की तैयारी कर ही रही थी कि मुरादनगर के भाजपा विधायक अजीत पाल त्यागी ने पुलिस के खिलाफ मंगलवार को मोर्चा खोल दिया। मंगलवार देर रात अपने आवास पर प्रेसवार्ता कर विधायक ने पुलिस की थ्योरी को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस बिना किसी पुख्ता सुबूत के गलत तरीके से केस को खोलना चाह रही है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पुलिस की शिकायत करेंगे। विधायक ने यह भी कहा कि वह किसी भी हद तक जाकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। विधायक ने कहा कि वह अपने मामा नरेश त्यागी की हत्या में किसी बेकसूर को जेल नहीं जाने देंगे। पुलिस जो भी खुलासा करे, वह सुबूत के आधार पर करे। उन्होंने कहा कि पुलिस हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र त्यागी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करना चाह रही है। पुलिस ने उससे उनकी भी बात कराई, लेकिन न तो जितेंद्र को शूटर्स के बारे में कुछ पता है और न ही पुलिस के पास कोई सुबूत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जितेंद्र त्यागी को मोहरा बनाकर गलत तरीके से केस को खोलना चाहती है।विधायक का कहना है कि क्राइम ब्रांच में पुलिस ने उनकी बात जितेंद्र त्यागी से कराई। मामा की हत्या में उसका क्या रोल है, यह पूछने पर जितेंद्र त्यागी सिर्फ इतना कह रहा है कि आप समझ जाओ। वहीं, शूटर्स के बारे में पूछने पर जितेंद्र त्यागी कह रहा है कि शूटर्स की जानकारी भैया को है। अब वह भाई कौन है, इसके बारे में भी कुछ नहीं बता रहा।
विधायक का कहना है कि पुलिस शुरू से ही अपनी एक लाइन पर काम कर रही है। शुरुआती दौर में पुलिस ने सिहानी गांव निवासी मिंटू त्यागी को पकड़कर उन्हें घटना का उद्देश्य बताया था। पुलिस का कहना था कि राजनीतिक रंजिश के चलते ही कुछ लोग उन्हें परेशान करना चाहते हैं। इसके बाद पुलिस अब जितेंद्र त्यागी को पकड़कर निराधार थ्योरी तैयार कर रही है।

देर रात विधायक की प्रेसवार्ता की जानकारी लगते ही पुलिस में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन एसपी सिटी अभिषेक वर्मा व सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र विधायक के आवास पर पहुंचे और मान-मनौव्वल शुरू कर दी। पुलिस के पास इनपुट था कि विधायक प्रेसवार्ता में बड़ा फैसला ले सकते हैं। इसके बाद पुलिस ने विधायक को रात में ही दोबारा विधायक को क्राइम ब्रांच ले जाकर जितेंद्र त्यागी से वार्ता कराई। लेकिन वहां से लौटते ही विधायक ने पुलिस के खिलाफ भड़ास निकाल दी।
प्रेसवार्ता में नरेश त्यागी के बेटे अभिषेक त्यागी ने भी पुलिस से सुबूत की मांग की। पुलिस के पास न तो षड्यंत्र को लेकर कोई सुराग है और न ही शूटर्स के बारे में कोई जानकारी है। पुलिस निराधार तरीके से जितेंद्र त्यागी पर केस खोलना चाह रही रहै। पुलिस सुबूत दिखाए, तभी वह सही खुलासा मानेंगे।
पुलिस अधीक्षक प्रथम, संबंधित क्षेत्राधिकारी और विवेचक को साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना के आदेश दिए गए हैं। साथ ही साक्ष्यों केक्रम में विवेचना संपादित करने के लिए कहा गया है।- कलानिधि नैथानी, एसएसपी