छेड़छाड़ से रोकने पर नाबालिग को पीट-पीट कर मार डाला


नई दिल्ली ब्यूरो। अलीपुर इलाके में एक नाबालिग की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। नाबालिग ने तीन दिन पहले आरोपी लड़कों को लड़कियों से अश्लील हरकत करने से रोका था। इस वजह से हाथापाई हुई थी। इसी के बदला लेने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस दो लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, जो नत्थूपुरा गांव के रहने वाले हैं। मृतक की शिनाख्त करण पाल (17) के तौर पर हुई है। पुलिस ने बॉडी पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दी है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है। इस मामले में आउटर नॉर्थ के डीसीपी का फोन बंद था, जबकि अडिशनल डीसीपी ने कॉल पिक नहीं की। मृतक करण पाल अलीपुर के बख्तावरपुर में परिवार के साथ रहते थे। वह परिवार के सबसे छोटे थे और 11वीं में पढ़ रहे थे। पिता का ट्रैवल्स का काम है। पुलिस को मंगलवार दोपहर को बख्तावरपुर में झगड़े की कॉल मिली। वहां पहुचंने पर पता चला कि करण पाल को पांच युवकों ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया, जिसे अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस अस्पताल पहुंची तो डॉक्टर करण को मृत करार दे चुके थे। आरोपी करीब ही पीएम कौशल केंद्र में कंप्यूटर ट्रेनिंग लेने आते थे। करण के बड़े भाई अमन पाल पुलिस को बताया कि करीब तीन दिन पहले इलाके में पांच युवक लड़कियों से अश्लील हरकतें कर रहे थे। करण ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो उनसे हाथापाई हो गई थी। लोगों ने बीच-बचाव कर दिया था। युवकों ने जाते हुए देख लेने की धमकी दी थी। मंगलवार दोपहर जब उसी जगह से करण गुजर रहा था तो आरोपियों ने घात लगाकर हमला कर दिया और दौड़ा दौड़ा कर पीटा। इस दौरान करीब में ही गाड़ी साफ कर रहे करण के पिता और भाई मौके पर पहुंचे। आरोपी करण को अधमरी हालत में छोडक़र भागने गए। पट्रोलिंग कर रहे पुलिस वालों ने दो युवकों को दबोच लिया, जबकि तीन फरार होने में कामयाब हो गए। आरोप है कि तीन से चार मिनट तक आरोपियों ने पीटा था। राहगीर तमाशबीन बने थे। अगर कोई हिम्मत करता तो शायद करण की जान नहीं जाती।