पटाखा बेचने और जलाने पर होगी सख्त कार्रवाई करेगी : दिल्ली पुलिस


नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आगामी 30 नवंबर तक पटाखे बेचने और फोड़ने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। यह प्रतिबंध दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी पार्टी के साथ राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने भी लगाया हुआ है। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कमर कस ली है, जो पटाखे फोड़ने और बेचने के नियम का उल्लंघन करेंगे। बता दें कि दिल्ली में पटाखों की बिक्री और जलाने पर 30 नवंबर तक प्रतिबंध है। दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने सभी 15 जिले के डीसीपी को निर्देश दिए हैं कि वे पटाखों को बेचने और जलानेवालों पर नजर रखने और करवाई के लिए फ्लाइंग स्क्वाड बनाएं। डीसीपी से कहा गया है कि वे सभी थाना अध्यक्षों से कहें कि हर बीट के पुलिस कर्मी अपने-अपने इलाके के स्कूलों में जाकर बच्चों को प्रदूषण को लेकर जागरूक करें। बच्चों को बताया जाए कि वे पटाखा न खरीदें और न ही जलाएं। बता दें कि दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) गंभीर स्तर में है। इसकी वजह से क्षेत्र के 73 फीसद घरों में एक या अधिक लोगों को प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से पिछले तीन सप्ताह में लोगों को होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का ग्राफ दिल्ली में 20 फीसद तक बढ़कर 65 से 85 फीसद हो गया है। दिल्ली के साथ ही एनसीआर के चार प्रमुख शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में गैर सरकारी संस्था लोकल सर्किल्स के सर्वे में यह बात सामने आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण के कारण अगर लगातार लोगों को इस तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो यह फेफड़ों के कैंसर का भी कारण बन सकता है। प्रदूषण के कारण एक्यूआइ बढ़ने से कोरोना के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हुई है। दिल्ली में इस समय एक दिन में सात हजार से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं और 75 से अधिक मौत भी हो रही हैं।