10 करोड़ रुपये की ड्रग्स के साथ नाइजीरियन नागरिक और भारतीय युवती रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार


  • दिल्ली पुलिस की रेलवे यूनिट को मिली बड़ी कामयाबी
  • ट्रेन पकड़ने की हड़बड़ी दिखा रहे थे तो टीम को हुआ शक
  • सामान की चेकिंग में पॉलिथीन बैग्स से मिली बड़ी खेप
  • हाई क्वॉलिटी का 10.5 किलो एम्फेटामाइन ड्रग्स बरामद
  • बेंगलुरु में क्रिसमस और न्यू ईयर की रेव पार्टियों के लिए थी
नई दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस की रेलवे यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक नाइजीरियन शख्स और एक भारतीय युवती को गिरफ्तार करके उनके पास से हाई क्वॉलिटी का 10.5 किलो एम्फेटाइमाइन ड्रग्स बरामद किया है। रेव पार्टियों में भारी डिमांड में रहने वाला यह ड्रग्स 'आइस' या 'स्पीड' के नाम से भी प्रचलित है। कपल से बरामद हुए ड्रग्स की कीमत इंटरनैशनल मार्केट में करीब 10 करोड़ रुपए बताई जा रही है। आरोपियों की पहचान नाइजीरियन नागरिक चीमा वितालिस (40) और वेस्ट दिल्ली के निलोठी गांव में रहने वाली भारतीय युवती स्रीमथी (25) के रूप में हुई है। रेलवे पुलिस का दावा है कि दिल्ली में पहली बार यह ड्रग्स इतनी बड़ी मात्रा में बरामद हुआ है। जांच में एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि इस ड्रग्स को क्रिसमस और न्यू ईयर पर बेंगलुरु में आयोजित होने वाली रेव पार्टियों में सप्लाई करने के लिए दिल्ली से ट्रेन के जरिए बेंगलुरु ले जाया जा रहा था। इसे देखते हुए पुलिस को शक है कि शायद ड्रग्स सप्लाई के धंधे में लिप्त किसी इंटरनैशनल रैकेट ने दिल्ली को इन मादक पदार्थों की सप्लाई का ट्रांजिट हब बना रखा था, जहां से यह देश के दूसरे शहरों में सप्लाई की जा रही थी। पुलिस मामले में और छानबीन कर रही है। बहरहाल, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके नई दिल्ली रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी के थाने में उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। डीसीपी (रेलवे) हरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, मंगलवार रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन थाने के एसएचओ सतीश राणा की निगरानी में पुलिस की एक पैट्रोलिंग पार्टी प्लैटफॉर्म नंबर-4 और 5 पर आने-जाने वाले यात्रियों पर नजर रखे हुए थी। रात करीब पौने 9 बजे उनकी नजर एक अफ्रीकी नागरिक और उसके साथ मौजूद एक अन्य युवती पर गई, जो काफी हड़बड़ी में थे। दोनों प्लैटफॉर्म नंबर-4 पर खड़ी बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस में जल्दबाजी में सवार हो रहे थे, जबकि ट्रेन के छूटने में कुछ समय बाकी था। शक होने पर पुलिसवाले उनके पास पहुंचे और पूछताछ करने लगे। पुलिस को देखकर दोनों सकपका गए और सवालों के ठीक से जवाब नहीं दे पाए। पुलिस ने जब उनके सामान की छानबीन की, तो पॉलिथीन के कुछ छोटे बैग बरामद हुए जिसमें चीनी के दानों जैसा दिखने वाला कोई मटीरियल रखा हुआ था। पुलिस ने जब उनसे उस क्रिस्टल मटीरियल के बारे में पूछताछ की, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। पुलिस ने मादक पदार्थों की पहचान में इस्तेमाल किए जाने वाले स्पेशल टूल किट के जरिए चेक किया, तो वह एम्फेटाइमाइन निकली, जो एक प्रतिबंधित मादक पदार्थ है। पुलिस ने ड्रग्स जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
युवती 4 साल से थी संपर्क में
चीमा आठ साल पहले बिजनेस वीजा पर भारत आया था और तब से देश के कई अलग-अलग राज्यों में रहता आ रहा था। वह गारमेंट्स का बिजनेस करता था। उसका पासपोर्ट और वीजा वैलिड पाया गया है। चार साल पहले तमिलनाडु के इरोड शहर में उसकी मुलाकात स्रीमथी से हुई और दोनों के बीच दोस्ती हो गई। युवती शादीशुदा है और उसका पति खाड़ी देश कतर में नौकरी करता है। चीमा पुलिस की नजरों में आने से बचने के लिए उसे अपने साथ लेकर जाता था। पुलिस इनसे पूछताछ करके ड्रग्स के सोर्स और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।