भिखारी बनकर कीं सौ से ज्यादा वारदातें, 1.25 करोड़ की लूट, जमीन के 3 फुट नीचे से बरामद हुआ सामान


गाजियाबाद ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस ने एक गिरोह का भंडफोड़ किया है। यह गिरोह भिखारी बनकर लोगों के घरों की रेकी करता था और फिर लूट की वारदात करता था। पुलिस ने जांच में इस गिरोह के सौ से ज्यादा वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया है। पुलिस ने जमीन के तीन फुट नीचे से चोरी का सामान बरामद किया। इस गैंग के पकड़े जाने से सवा करोड़ की चोरी का खुलासा हुआ है। नगर कोतवाली पुलिस ने चोर और लुटेरे गैंग के सरगना मुखलाल समेत 2 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 22 लाख रुपये से अधिक कैश और करीब 45 लाख रुपये के जेवरात बरामद किए हैं। यही नहीं चलन से बाहर हो चुके पुराने वाले 500 और 1000 के नोट भी पुलिस को इनके पास से मिले हैं। एसपी सिटी अभिषेक वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए बदमाशों ने स्वीकार किया है कि उनके गैंग में महिलाएं भी शामिल रही हैं। गैंग के सदस्य दिन में विभिन्न कॉलोनी में भिखारी या कबाड़ी बनकर घूमते हैं और बंद मकानों को चिह्नित कर लेते हैं। इसके बाद रात में उन्हीं मकानों में चोरी कर फरार हो जाते हैं। उन्होंने 100 से अधिक वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया है। पुलिस अब उनके गैंग से जुड़े अन्य बदमाशों की भी तलाश कर रही है। गैंग पिछले 15 वर्षों से वेस्टर्न यूपी में सक्रिय था। एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित मुरादनगर निवासी मुखलाल और नूरनगर की झोपड़ियों में रहने वाले सलमान ही पूरे गैंग को चलाते थे। सरगना मुखलाल पहले ही 10 बार गिरफ्तार हो चुका है। जेल से बाहर आने के बाद फिर से खड़ा किया गैंग
बीते साल कविनगर पुलिस ने आरोप के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई कर जेल भेजा था। उन्होंने बताया कि फरवरी में मुखलाल बेल पर जेल से बाहर आने के बाद उसने अपने गैंग को फिर से सक्रिय कर दिया था। पांच दिसंबर की रात मनीषा सिंघल के घर में पीछे के रास्ते घुसकर करीब 37 लाख रुपये और आधा किलो सोने व चांदी के गहने चोरी कर लिए थे। घटना के वक्त मनीषा बहन व मां के साथ जीजा के घर गई थीं। आरोपियों के पास से बरामद सामान मनीषा सिंघल के घर से चोरी किया गया था। राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने भी इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी से संपर्क कर जल्द पर्दाफाश करने की सिफारिश की थी।