महिला का फोन छीनकर भाग रहे 3 बदमाशों को अकेले सिपाही ने पकड़ा


नई दिल्ली ब्यूरो। कारगिल की जंग लड़ चुके दिल्ली पुलिस के एक बहादुर सिपाही ने फिल्मी अंदाज में ऑटो सवार 3 बदमाशों का 8 किलोमीटर तक दूसरे ऑटो से पीछा करके पकड़ लिया। ऑटो में सवार तीनों बदमाशों ने जमरूदपुर में एक लड़की का मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की थी। लड़की के शोर मचाने पर सिपाही ने ऑटो को जब रुकवाने की कोशिश की, तो ऑटो चला रहे बदमाश ने सिपाही को टक्कर मार दी। सिपाही दूर खड़ी अपनी बाइक तक ना जाकर वहीं एक ऑटो में सवार हो गया। इसके बाद बदमाशों के ऑटो का पीछा करके उन्हें पकड़ लिया। बदमाशों के पकड़े जाने के बाद ग्रेटर कैलाश थाने के एसएचओ रितेश कुमार और पुलिसवाले मौके पर पहुंचे। इस बहादुर सिपाही का नाम विक्रम है। विक्रम इन दिनों ग्रेटर कैलाश थाने में तैनात हैं। कॉन्स्टेबल विक्रम 2012 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। इससे पहले वह आर्मी में थे। आर्मी में रहते हुए उन्होंने कारगिल युद्ध भी लड़ा था। आर्मी से यह एनएसजी में ब्लैक कैट कमांडो बने। कमांडो बनने के दौरान विक्रम को बेहतर कार्य करने के लिए डीजी एनएसजी का रिवॉर्ड भी मिला। 2002 से 2006 के बीच स्काई मार्शल के तौर पर विक्रम ऐसे रूट की फ्लाइट्स में भी तैनात रहे, जिनके हाईजैक होने का खतरा रहता था। 2012 में विक्रम ने आर्मी से वीआरएस ले लिया था। उसी साल दिल्ली पुलिस में भर्ती हो गए थे। पुलिस ने बताया कि मामला 13 दिसंबर की रात करीब 10 बजे का है। सिपाही विक्रम जमरूदपुर बीट में पैदल गश्त कर रहे थे। बाइक दूर खड़ी थी। उन्होंने किसी महिला की बचाओ, बचाओ...की आवाज सुनी। देखा कि एक ऑटो में सवार 3 बदमाश महिला का मोबाइल छीनने की कोशिश कर रहे हैं। विक्रम तुरंत भागते हुए उस ऑटो के पास पहुंच गए। रुकवाने की कोशिश की, लेकिन ऑटो चला रहा बदमाश पैर पर ऑटो चढ़ाते हुए ऑटो को भगा ले गया। विक्रम एक और ऑटो में सवार हुए और बदमाशों के ऑटो का पीछा करना शुरू कर दिया। सिलेक्ट सिटी मॉल के पास जाकर उन्होंने बदमाशों का ऑटो पकड़ लिया। उसमें सवार तीन बदमाशों को भी उन्होंने अकेले ही धर-दबोचा। वर्दी में होने की वजह से पब्लिक ने भी साथ दिया। बाद में पता लगा कि जो बदमाश पकड़े गए थे, वह किराए पर ऑटो लेकर वारदात करते थे।