बागपत में बीमारी ठीक करने के नाम पर धर्म परिवर्तन का खेल, करीब 400 लोग बने ईसाई!


  • बागपत में बीमारी ठीक करने के बहाने धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है
  • हिंदू संगठनों का आरोप है कि पिछले तीन सालों में 400 लोगों का बदला गया धर्म
  • बागपत पुलिस ने जंगल में लगे टेंट को हटवाकर मामले की छानबीन शुरू की
बागपत। यूपी के बागपत में बीमारी ठीक करने के बहाने धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। हिंदू संगठनों का दावा है कि खेकड़ा कोतवाली क्षेत्र में बड़ागांव पुलिस चौकी के पास ईसाई मिशनरियों ने पिछले तीन सालों में करीब 400 लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जंगल में लगे टेंट को हटवा दिया है। पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अंकित बडौली ने बताया कि कस्बा खेकड़ा में ईसाई मिशनरी सीधे-साधे ग्रामीणों को बीमारी ठीक करने के नाम पर लालच देकर ईसाई बनाने का काम कर रहे हैं। जंगल में करीब तीन सालों से मिशनरी टेंट लगाकर अपना कार्य कर रही है। इस काम में कुछ स्‍थानीय लोग भी शामिल हैं। ईसाई मिशनरी ने स्‍थानीय व्‍यक्ति मोनू धामा को प्रचारक बनाया है जिसने अपने परिवार के करीब 20 लोगों को इस कार्य में लगा दिया है। नरेंद्र धामा व रोशन उनका सहयोग कर रहे हैं। सनातन धर्म के अनुयायियों को जब इस बात का पता चला और विरोध प्रदर्शन किया।
400 लोगों के धर्म परिवर्तन करने की आशंका
अंकित बडौली ने बताया कि इस कार्य में लगे लोगों द्वारा करीब 400 लोगों का धर्मांतरण कराया है। वे गांव-गांव जाकर ईसाई मिशनरी का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उन्हें अपने मूल वैदिक धर्म में आने के लिए प्रेरित किया है।
क्रिसमस-नव वर्ष पर बड़े स्तर पर होगा कार्यक्रम
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता राजीव विश्वकर्मा ने बताया कि मिशनरी के लोगों से जानकारी मिली है कि वे क्रिसमस और नव वर्ष पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करेंगे। समय रहते इनको नहीं रोका गया तो बड़े पैमाने पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ईसाईकरण हो जाएगा।