ऑनलाइन ठगी का आरोप लगा 57 लाख वसूले, एसएचओ समेत 5 पर एफआईआर, फरार है एसएचओ


गुरुग्राम। शिकोहपुर मोड़ से 5 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए खेड़कीदौला थाने के हेड कॉन्स्टेबल मामले में कई नए राज खुल रहे हैं। विजिलेंस गुड़गांव ने हेड कॉन्स्टेबल अमित पर तो केस दर्ज किया ही है, साथ ही थाना एसएचओ रहे इंस्पेक्टर विशाल व 4-5 अन्य पुलिसकर्मियों पर एक युवक को बंधक बनाकर रखने व जबरन वसूली के आरोप में भी एफआईआर हुई है। विजिलेंस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली उत्तम नगर के ओम विहार फेज-1 निवासी नवीन भूटानी ने यह शिकायत दी है। नवीन का कहना है कि करीब 3 महीने पहले एसएचओ विशाल ने अपनी टीम के साथ उसे सेक्टर-29 एरिया से पकड़ा था। उस पर आरोप लगाया गया कि वह ऑनलाइन ठगी करता है। लेकिन फिर उसे अरेस्ट कर थाने के लॉकअप में ले जाने के बजाय एक निजी होटल में ले गए। वहां बारी-बारी कर 4-5 पुलिसकर्मियों को कई दिनों तक उसके साथ रखा गया। उसे अलग-अलग निजी होटल में रखते थे। इस दौरान उसका लैपटॉप व छोड़ने के लिए 57 लाख रुपये ले लिए गए।
हेड कॉन्स्टेबल कॉल कर मांग रहा था 10 लाख
शिकायतकर्ता के अनुसार, इस वाकये के बाद हेड कॉन्स्टेबल अमित उससे कई बार संपर्क करता था। अब कई दिन से अमित उसे कॉल कर कह रहा था कि एसएचओ ने कहा है कि लैपटॉप में तुम्हारा पर्सनल डेटा हमारे पास है। तुम्हें वापस चाहिए तो 10 लाख रुपये देने होंगे। रुपये नहीं दिए तो तुम्हें फंसा देंगे। पीड़ित ने ये सब रेकॉर्ड कर डीजीपी विजिलेंस पीके अग्रवाल को भेजा।
हेड कॉन्स्टेबल को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते किया अरेस्ट
इसके बाद फरीदाबाद विजिलेंस की टीम बुलाकर सोमवार देर शाम हेड कॉन्स्टेबल को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते अरेस्ट किया गया। उसके खिलाफ गुड़गांव विजिलेंस ऑफिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अपना काफी कुछ बेचकर उसने ये 57 लाख रुपए इकट्ठा कर पुलिस को दिए थे। लेकिन अब उसे ब्लैकमेल कर फिर से उससे जबरन वसूली करने का प्रयास कर रहे थे।
वारदात के बाद से फरार है एसएचओ
देर रात खेड़कीदौला थाना के एसएचओ रहे इंस्पेक्टर विशाल को सस्पेंड कर दिया गया। मंगलवार को उनके स्थान पर सिटी थाना के एसएचओ रहे इंस्पेक्टर हरदीप हुड्डा को खेड़कीदौला थाना एसएचओ लगाया गया है। वारदात के बाद से आरोपित एसएचओ फरार बताया जा रहा है। विजिलेंस टीम मामले की जांच कर जल्द ही उन्हें पकड़ने के प्रयास कर रही है।
अन्य कई अधिकारी भी शक के घेरे में
पूरे मामले में 57 लाख रुपये की राशि ली जा चुकी थी। आरोपित अब भी 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मामले में इतनी बड़ी राशि घूस के तौर पर सामने आने से विभाग में काफी चर्चा है। गुड़गांव में ही नहीं, आस-पास के अन्य जिलों व मुख्यालय तक भी यह मामला चर्चा में है। इसके चलते ऐसा माना जा रहा है कि इस मामले में कोई सीनियर अधिकारी भी शामिल हो सकता है।