अलवर में बैंक डिप्टी मैनेजर और कैशियर ने कर दिया 6.5 करोड़ रुपये का गबन


  • बैंक में 6.5 करोड़ रुपये के गबन के मामले में उप प्रबंधक ओर कैशियर गिरफ्तार
  • कोतवाली थाना पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार
  • दी अलवर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में किया था गबन
  • पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी
अलवर। प्रदेश में अलवर जिले में करोड़ों के बैंक गबन के मामले का खुलासा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार अलवर शहर के कोतवाली थाना पुलिस ने दी अलवर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में करीब साढ़े 6 करोड़ रुपये के गबन के मामले में बैंक में कार्यरत उप प्रबंधक व सहायक कैशियर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को करीब साठे छ करोड़ रुपए के भारी गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है । वहीं इस मामले के सामने आने के बाद सुनने वालों के होश उड़े हुए हैं। इधर अब पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है।
योजना बनाकर लगाया बैंक को चूना
थानाधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि बैंक के मुख्य प्रबंधक ने 13 मार्च 2019 को थाने पर आकर अंकित शर्मा, भूपेंद्र शर्मा और जय सिंह तंवर के विरुद्ध करोड़ों के गबन का मामला दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी । बताया जा रहा है कि आरोपी भूपेंद्र शर्मा की ओर से बैंक में प्रबंधक आईटी के पद पर रहकर एक करोड़ 16 लाख 94 हजार रुपए और जयपुर निवासी सहायक कैशियर अंकित शर्मा ने पांच करोड़ 34 लाख 56 हजार 896 रुपये का योजना बनाकर गबन कर रकम हड़प ली थी। साथ ही इस योजना के जरिए बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। जिस पर पुलिस ने भूपेंद्र शर्मा व अंकित शर्मा को बैंक में करोड़ो रूपये के गबन के मामले में गिरफ्तार कर लिया है।
डेढ़ साल बाद गिरफ्त में आए आरोपी
मिली जानकारी के अनुसार अलवर शहर के होपसर्कस स्थित दी अलवर सेन्ट्रल कॉ-ऑपरेटिव बैंक में करोड़ों के बहुचर्चित गबन मामले में आरोपी को लंबे समय बाद पकड़ा गया है। इसमें बैंक के उप प्रबंधक एवं सहायक कैशियर को करीब डेढ़ साल बाद गिरफ्तार किया है। कोतवाली थाना प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि 13 मार्च 2019 को मुख्य प्रबन्धक ने इस संबंध में सूचना दी थी। पुलिस का कहना है कि तकनीकी रूप से अनुसंधान आरम्भ किया गया तो पाया गया कि इस मामले मे आरोपियों ने योजना बनाकर षडयंत्रपूर्वक गबन कर रकम हडप ली। अब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।