किसान बिल किसानो के लिए दूसरी हरित क्रांति : डॉ देवेंद्र कुमार


  •  फतेहपुर किसानो के लिए कृषि सुधार के लिए लाये गए तीनो बिल किसानी में क्रन्तिकारी बदलाव वाले होंगे साबित
फतेहपुर ब्यूरो। जनपद की सक्रीय संस्थाओ का साझा मंच फतेहपुर विकास मंच के महासचिव डॉ देवेंद्र कुमार से हमारे नगर संबाददाता देवब्रत त्रिपाठी देव ने इस बिल के संदर्भ में बात की जो निम्न है 
1. अब किसान मंडी के बाहर भी अपनी फसल बेच सकता है और मंडी के अंदर भी।
2. किसान का सामान कोई भी व्यक्ति संस्था खरीद सकती है जिसके पास पैन कार्ड हो।
3. अगर फसल मंडी के बाहर बिकती है तो राज्य सरकार किसान से कोई भी टैक्स वसूल नहीं सकती।
4. किसान अपनी फसल किसी राज्य में किसी भी व्यक्ति को बेच सकता है।
5. किसान कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करने के लिये अब स्वतंत्र है।
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कई लोग इन कानूनों के विरुद्ध दुष्प्रचार कर रहें है।
जोकि निम्नलिखित हैं।
1. आरोप :--- सरकार ने मंडीकरण खत्म कर दिया है ?
उत्तर :--- सरकार ने मंडीकरण खत्म नहीं किया। मण्डियां भी रहेंगी लेकिन किसान को एक विकल्प दे दिया कि अगर उसको सही दाम मिलता है तो वह कहीं भी अपनी फसल बेच सकता है। मंडी में भी और मंडी के बाहर भी।
2. आरोप :--- सरकार एमएसपी समाप्त कर रही है?
उत्तर :- मंडीकरण अलग चीज़ है एमएसपी न्यूनतम समर्थन मूल्य अलग चीज़ है। सारी फसलें, सब्ज़ी, फल मंडीकरण में आते हैं एमएसपी सब फसलों की नहीं है।
3. आरोप :- सारी फसल अम्बानी खरीद लेगा
उत्तर :--- वह तो अब भी खरीद सकता है - आढ़तियों को बीच में डालकर।
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यह तीन कानून किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुक्ति के कानून हैं।
आज इस सरकार ने किसानों पर कांग्रेस द्वारा लगाई हुई 'बन्दिश' को हटा कर 'हर किसी को' अपनी उपज बेचने के लिये आजाद करके 'पुरे देश का बाजार' किसानो के लिये खोल दिया है। किसानो को कोई भी टैक्स भी नही देना होगा। जो भी लोग विरोध कर रहे है वो उन की अपनी समझ है। इस सरकार से बढ़ कर कोई "किसान हितेषी" सरकार कभी नही बनी और भविष्य में भी कोई नही बनेगी।  किसान बहुत अच्छे से जानता है कि - "किसान और जवान" - ही देश का आधार है।