अलीगढ़ में हिंदू युवती से शादी के आठ साल बाद मुस्लिम युवक ने किया धर्मांतरण, अपनाया हिंदू धर्म


  • युवती के घर में किराए पर वर्कशॉप चलाते थे कासिम के पिता
  • कासिम और अनीता ने प्यार के बाद घरवालों के विरोध में आकर की शादी
  • निकाह के एक साल बाद की हिंदू रीति-रिवाज से शादी
  • दोनों के हैं दो बच्चे, अब शादी के आठ साल बाद कासिम ने हिंदू धर्म अपनाकर नाम रखा करमवीर सिंह
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में शादी के आठ साल बाद एक शख्स ने अपना धर्मांतरण किया है। उसने हिंदू युवती से शादी की थी। वह अपनी पत्नी से प्रभावित हुआ और अब हिंदू संगठनों की मदद से उसने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाकर कासिम खान से करमवीर सिंह बन गया है। कासिम उर्फ करमवीर सिंह (28) ने कहा, 'मुझे किसी ने मजबूर नहीं किया। मैंने खुद ही यह फैसला लिया।' कासिम ने बताया कि आठ साल पहले उसकी मुलाकात 24 साल की अनीता कुमारी से हुई थी। कासिम के पिता ने वर्कशॉप के लिए अनीता का घर किराए पर लिया था। यहां मुलाकात के बाद दोनों में प्यार हो गया। दोनों ने 2012 में शादी कर ली। अनीता का परिवार इस शादी के लिए राजी नहीं था।
सात और चार साल के दो बच्चे हैं
शादी के एक साल बाद, दंपति ने एक और शादी समारोह का आयोजन किया। इस बार यह आयोजन हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया। उसके बाद अनीता के परिवार अलीगढ़ छोड़ दिया और वे दिल्ली रहने चले गए। अलीगढ़ में रह रहे दंपति के दो बच्चे कासिफ़ा (7) और अयाज़ (4) हैं।
जिला प्रशासन से मांगी सुरक्षा लेकिन नहीं मिली
यूपी में धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश 2020 लागू हो गया है। इधर कासिम ने मुस्लिम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है। कासिम ने कहा कि उसे अब सुरक्षा चाहिए क्योंकि उसे डर लग रहा है। उसने कहा, 'मैंने जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। मैं सरकार से फिर से अनुरोध करता हूं, मुझे सुरक्षा की जरूरत है।'
अनीता पर धर्मांतरण का नहीं बनाया दबाव
अनीता ने कहा, "मुझे कभी भी धर्मांतरण या हिंदू रीति-रिवाजों का पालन न करने के लिए फोर्स नहीं किया गया।' एक हिंदू संगठन की मदद से कासिम ने हिंदू धर्म अपनाया है। उसके ऊपर भी किसी ने दबाव नहीं बनाया।
मैजिस्ट्रेट ने नहीं उठाया कोई कदम
संगठन के सदस्य नीरज भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने कासिम का धर्मांतरण करवाया है। उन्होंने कहा, 'उनका हिंदू धर्म में स्वागत है। हमने रविवार को आर्य समाज मंदिर में अनुष्ठान किया। कासिम ने 15 दिसंबर को जिला मैजिस्ट्रेट के पास कानूनी रूप से धर्मांतरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन पांच दिनों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद, मंदिर में उसने धर्म परिवर्तन किया।