दिल्ली विधानसभा में हंगामा, आप विधायक ने कृषि कानूनों की कॉपी फाड़ी


दिल्ली ब्यूरो। भारी हंगामे के बीच दिल्ली विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र दोपहर दो बजे से शुरू हो गया है। उत्तरी नगर निगम में 2400 करोड़ की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए केजरीवाल सरकार ने यह स्पेशल सत्र बुलाया है। सदन में सबसे पहले केंद्र के तीन कृषि कानूनों पर चर्चा हो रही है। कृषि कानूनों को लेकर राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने सदन में चर्चा शुरू की। इस बीच सदन में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने जय जवान, जय किसान का नारा लगाया। कृषि कानूनों को लेकर सदन में चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक महेंद्र गोयल ने तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ते हुए इसे किसान विरोध बताया। महेंद्र गोयल ने कहा कि इन कृषि कानूनों से 4 साल में 16 गुना महंगाई बढ़ेगी। किसान यही तो मांग कर रहे हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित कर दीजिए। इसमें क्या परेशानी है। केंद्र सरकार इसे क्यों नही कर रही है। उन्होंने कहा कि ये बहुत ही खतरनाक कानून हैं। आज किसान 3 डिग्री तापमान दिल्ली की सीमा पर सो रहा है। केंद्र सरकार मौन है। केंद्र सरकार जब मान रही है कि कानून में कमियां हैं तो क़ानून निरस्त क्यों नही कर रही है। वहीं आप विधायक सोमनाथ भारती ने कहा कि कानून किसान विरोधी हैं, किसानों को बर्बाद करने की साजिश है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों की पीठ में छुरा भोंपा है। कैप्टन अपने बेटे को ईडी से बचाने के लिए केंद्र से मिल गए। ये कृषि कानून अंबानी और अडानी को लाभ पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। सोमनाथ भारती ने भी तीनों कृषि कानूनों की प्रतियों को फाड़ दिया। सदन में भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि सदन एक झूठे मुद्दे पर बुलाया गया है। तीन महापौर सड़क पर बैठे हैं, मुख्यमंत्री के पास इतना समय नही है कि उनसे आकर मिलें। इस पर सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने खड़े होकर कहा कि सत्ता पक्ष विपक्ष को अपनी बात रखने दें। व्यवधान न करें, विपक्ष को बोलने दें। उन्हें लगता है कि विपक्ष गलत बात कर रहा है तो अपना नंबर आने पर विपक्ष के आरोप पर अपनी बात रखें।