नरबलि मामले में अलवर पुलिस का बड़ा खुलासा, खुद में 'देवता' बताने वाले नाबालिग 'महाराज' ने की हत्या


अलवर। राजस्थान के अलवर में दो दिन पहले नावली गांव के जिस मृतक बालक की हत्या को नरबलि माना जा रहा था। पुलिस ने आज उस मामले का पटाक्षेप कर दिया। पुलिस के अनुसार यह हत्या एक बाल अपचारी ने की है और मृतक इस बाल अपचारी को महाराज महाराज कहकर पुकारा करता था। इसी से खफा होकर इसकी हत्या की गई है। मालाखेड़ा के नावली गांव में सरसों के खेत में मिले एक बच्चे के शव के मामले पुलिस ने यह खुलासा करते मृतक बालक के परिवार के ही एक नाबालिक लड़के को निरुद्ध किया है। यह हत्या नाबालिग लड़के ने जिस वजह की उसको लेकर कहना है कि नाबालिग लड़का अपने आपको महाराज बताकर ढोंग रचा करता था। इसपर मृतक बच्चा उसे महाराज महाराज कहकर चिढ़ाता था। इसी बात से खफा होकर इस नाबालिग लड़के ने 11 वर्षीय बालक निर्मल की गला दबाकर हत्या कर दी। हालांकि जिस तरह से मृतक बालक के नाक कान और नाखून कटे हुए मिले उसे प्रथम दृष्टया यह मामला नरबलि का माना जा रहा था लेकिन पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेकर पूछताछ की और मेडिकल बोर्ड द्वारा कराए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने इसे हत्या माना है। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि 26 दिसंबर को नावली निवासी घीसाराम पुत्र हरिराम जाटव ने अपने बेटे निर्मल उर्फ बाबू की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन दूसरे दिन ही इसका शव सरसों के खेत में मिलने के बाद सनसनी फैल गई। मौके पर डॉग स्क्वॉयड और एफएसएल टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। इस मामले में अब एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया गया है। उन्होंने बताया कि बाल अपचारी वर्ष 2018 में काफी बीमार था जिसका इसके घर वालों ने सभी जगह इलाज करवाया जो काफी समय बाद ठीक होने के बाद बाल अपचारी ने स्वयं में किसी देवता के आने की बात कही और फिर भूत प्रेत का इलाज करना शुरू कर दिया। इसे आसपास के ग्रामीण महाराज महाराज कहकर बुलाते थे और मृतक बालक निर्मल इसको महाराज महाराज कहकर चिढ़ाता था। जिससे यह बाल अपचारी खुद को निर्मल से खफा रहता था और बदला लेने के लिए 26 दिसंबर की सुबह 10 बजे बाल अपचारी मृतक बालक को यह कहकर अपने साथ ले गया कि ठाकुर बाबा के खेत की तरफ कुत्तों ने मोर मार दिए हैं। उसे देखने चलते हैं और सरसों के खेत में ले जाकर मौका पाकर दोनों हाथों से गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने नरबलि से इनकार करते हुए बताया कि खेत में किसी जानवर ने मृतक के कान-नाक को नाखूनों से काटा गया है। मेडिकल बोर्ड ने भी नरबलि से इनकार किया है। आरोपी बाल अपचारी ने पूछताछ में बताया कि बदले की भावना से हत्या की गई है और अपचारी परिवादी परिवार से रंजिश भी रखता था। पूछताछ में बालक बताया कि वह न तो कोई धन निकालने की वजह से हत्या की गई है ना कोई नरबलि है। सिर्फ महाराज महाराज कहकर चिढ़ाने के कारण इसकी हत्या कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि मृतक की मां को बाबा आते बताएं (देवात) इसलिए वह उसकी मां को भी अपना प्रतिद्वंद्वी मानता था और सबक सिखाने के लिए यह हत्या की गई। उन्होंने बताया कि हालांकि इन दोनों परिवारों में जमीन का विवाद चल रहा है और दोनों पक्षों को पाबंद करने के लिए उपखंड अधिकारी के यहां इस्तगासा लगाया हुआ है।