आईएसआई का केटू प्लान अंजाम देना चाहते थे शकरपुर में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी


  •  शकरपुर में एनकाउंटर के बाद पकड़े गए थे कथित आतंकी
  • सुरक्षा एजेंसियों ने इनसे कई राउंड की सघन पूछताछ
  • पंजाब में आतंकवाद को फिर जिंदा करना चाहती है आईएसआई
  • इसके लिए खालिस्तानी कट्टरपंथियों को बनाया है मोहरा
  • पंजाब में हिंदूवादी नेताओं की हत्याएं इसी साजिश के तहत हुईं
नई दिल्ली ब्यूरो। सोमवार सुबह शकरपुर से एनकाउंटर के बाद पकड़े गए पांचों कथित आतंकियों को अदालत ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। मंगलवार को आरोपियों से सेल के अलावा सुरक्षा एजेंसियों और आईबी ने कई राउंड बारीकी से पूछताछ की। इन आतंकियों का मकसद देश के खिलाफ आईएसआई के K2 प्लान को अंजाम तक पहुंचाना है। वहीं, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए पंजाब में टारगेट किलिंग करवाने वाले मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर सुखमीत उर्फ भिखारीवाल को दुबई पुलिस की तरफ से हिरासत में लिए जाने की सूचना है। यह खबर मंगलवार को सूत्रों ने साझा की। दुबई पुलिस की तरफ से यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की ओर से दिए गए इनपुट पर हुई। दिल्ली में पकड़े गए पांचों आतंकियों ने पूछताछ में भिखारीवाल के नाम का खुलासा किया था। सूत्रों के मुताबिक, दुबई में रहने के दौरान भिखारीवाल ने हुलिया बदल लिया था। गैंगस्टर भिखारीवाल आईएसआई का मोहरा था, जो पंजाब में टारगेट किलिंग के लिए आदेश देता था। अब उसके निशाने पर दिल्ली के हिंदूवादी नेता थे। गिरफ्तार आतंकी शब्बीर अहमद, अयूब पठान, रियाज, गुरजीत सिंह और सुखदीप सिंह एक बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। ये सभी पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे। आईएसआई के K2 प्लान में खालिस्तानी कट्टरपंथियों के बीच की पहली कड़ी 2016-17 के दौरान सामने आई, जब पंजाब में हिंदूवादी नेताओं की टारगेट किलिंग के जरिए आठ हत्याएं हुई थीं। इन हत्याओं को आईएसआई के इशारे पर अंजाम दिया गया था। स्पेशल सेल के सूत्रों का कहना है आईएसआई खालिस्तानी कट्टरपंथियों में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के चीफ हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी और पाकिस्तान में मौजूद खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चीफ लखबीर सिंह के साथ मिलकर पंजाब में फिर से आतंकवाद को जिंदा करना चाहता है। अपनी साजिश को आगे बढ़ाते हुए गैंगस्टर भिखारीवाल का इस्तेमाल शुरू किया गया। भिखारीवाल के गुर्गों ने हिंदू संगठन के नेता हनी महाजन को मारने का टास्क दिया था। इसे 11 फरवरी 2020 को अंजाम दिया गया। उस हमले में एक शख्स की मौत हो गई थी। जबकि महाजन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद बच गए थे। आईएसआई अपने K2 डेस्क (कश्मीर-खालिस्तान) के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी से मिले पैसों को इन हत्याओं की फंडिंग में इस्तेमाल कर रही है।