नोएडा में मामले की जांच करने आए मध्यप्रदेश पुलिस के दो एसआई सहित पांच लोग अवैध वसूली में गिरफ्तार


  • पोंजी स्कीम के मामले में शिकायत की जांच करने आए थे दोनों
  • सेक्टर-18 में पिस्टल लूटने के मामले की जांच कर रही थी नोएडा पुलिस
  • गिरफ्तार होने वालों में एक कांस्टेबल और पोंजी स्कीम के संचालक दो सगे भाई शामिल
नोएडा। पोंजी स्कीम मामले की जांच करने आए मध्यप्रदेश पुलिस के दो सब इंस्पेक्टर (एसआई) और एक सिपाही समेत पांच लोगों को नोएडा पुलिस ने रविवार को सेक्टर-18 से गिरफ्तार कर लिया। इनमें पोंजी स्कीम संचालक दो सगे भाई भी शामिल है। 18 दिसंबर को एसआई से मारपीट कर पिस्टल लूट ली गई थी। तीनों पुलिसकर्मियों को पोंजी स्कीम संचालकों सेे अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से आठ मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। वहीं, पिस्टल लूटने वाले पांच आरोपी अभी फरार हैं। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि मध्यप्रदेश की साइबर सेल में एसआई  पंकज साहू और राशिद परवेज खान की टीम पोंजी स्कीम प्रकरण की जांच करने नोएडा के सेक्टर-62 स्थित आफिस आई थी। यहां से 15 दिसंबर को पोंजी स्कीम संचालक गांव सरदारपुर, आजमगढ़ निवासी सूर्यभान और उसके भाई शशिकांत यादव को हिरासत में लेकर दिल्ली के महिपालपुर स्थित एक होटल में ले गई। दोनों एसआई ने पोंजी स्कीम संचालकों को दबाव में लेकर 4 लाख 70 हजार हजार रुपये एमपी के पीड़ित चंद्रकेतु दुबे के खाते में डलवा लिए। जबकि सूर्यभान के बिटकॉइन, एथर, बिटकॉइन कैश के रूप में 24 लाख रुपये सेल में ही तैनात कांस्टेबल आसिफ खान के खाते में ट्रांसफर कराए। 
जांच में पता चला कि पोंजी स्कीम संचालकों के जिस खाते को फ्रीज किया गया है, उसमें 58 लाख रुपये हैं। इन रुपये को हड़पने के लिए दोनोें भाइयों को मध्यप्रदेश के जबलपुर ले जाकर जेल में डालने की धमकी दी। यह बात संचालकों ने दिल्ली निवासी मित्र मनोज तिवारी से कही तो वह अपने कई साथियों के साथ नोएडा सेक्टर-18 स्थित आईसीआईसीआई बैंक की शाखा के पास आ गया उन्होंने दोनों एसआई से कहा कि इतनी रकम लेने के बाद भऊी दोनों भाइयों को छोड़ क्यों नहीं रहे हो। इस बात को लेकर विवाद हो गया और मनोज तिवारी समेत पांच लोगों ने दोनों एसआई के साथ मारपीट कर दी। बचाव के लिए एसआई राशिद ने जब पिस्टल निकाली तो आरोपी छीनकर भाग गए। मामले की शिकायत होने पर जांच की तो पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस ने रविवार को एसआई राशिद, पंकज साहू, कांस्टेबल आसिफ खान और  पोंजी स्कीम संचालक सूर्यभान यादव व उसके भाई शशिकांत यादव  को गिरफ्तार कर लिया।
खुद ही पुलिस तक गए और फंस गए
एसआई राशिद परवेज खान और पंकज साहू 28.70 लाख लेने के बाद संतुष्टि कर लेते तो शायद मामला न खुल पाता। लेकिन सर्विस पिस्टल लुट गई तो नोएडा पुलिस को बताना पड़ा और फिर स्वयं फंसते चले गए। सूर्यभान और शशिकांत का दोस्त मनोज तिवारी दोनों पुलिसकर्मियों को एक लाख 70 हजार रुपये पहले ही दे चुका था। फ्रीज खाते से 58 लाख रुपये निकालने के लिए उसे पहले डीफ्रीज करना था। इसके लिए खाते को फ्रीज करने के लिए पहले दिए गए नोटिस को वापस लिया जाना था और संबंधित बैंक को एक ई-मेल जारी करना था। इसी बीच मनोज तिवारी ने आकर पूरा खेल खराब कर दिया। एसआई राशिद से पिस्टल लूट ली गई और इसकी शिकायत पुलिस को करते ही खुद फंस गए।