अस्पताल नहीं, ससुराल से भागा था पूर्व विधायक रामबीर शौकीन, पुलिसवाले पीते रह गए शराब


राजीव गौड,(दिल्ली ब्यूरो)। पूर्व विधायक रामबीर शौकीन सफदरजंग अस्पताल नहीं बल्कि देवली गांव में स्थित अपनी ससुराल से फरार हुआ था। उसने साजिश के तहत अपनी फरारी का ड्रामा सफदरजंग अस्पताल में करवाया था। दिल्ली पुलिस भी अभी तक यही मानती रही थी। रामबीर ने अपने साथी चंदन के साथ मिलकर बागपत जेल में ही फरार होने की साजिश रची थी। अपने राजनीतिक कैरियर की  खातिर रामबीर शौकीन ने सरेंडर किया है।दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बागपत पुलिस के चार पुलिसकर्मी रामबीर को जेल वैन से सफदरजंग अस्पताल लेकर आए थे। यहां पर रामबीर का गुर्गा चंदन पहले से मौजूद था। जेल वैन का चालक तो वैन में बैठा रहा, जबकि तीन पुलिसकर्मी उसे अस्पताल के अंदर ले जाने लगे। इस दौरान रामबीर ने बताया कि डॉक्टर दो बजे बैठेगा और अभी 12 बजे हैं। ऐसा कहकर वह तीनों पुलिसकर्मियों को देवली गांव में स्थित अपनी ससुराल ले गया। ये सफदरजंग अस्पताल से ससुराल कैब से गए थे। कैब चंदन ने अपने मोबाइल से बुक कराई थी। देवली में अपनी ससुराल में जाकर रामबीर शौकीन ने यूपी पुलिसकर्मियों को शराब दे दी और वह पीने लग गए। उन्हें लगा कि वह आगे वाले कमरे में बैठे हैं अगर रामबीर भागेगा तो देख लेंगे। मगर रामबीर पिछले दरवाजे से फरार हो गया। पुलिसकर्मियों को पता नहीं था कि पीछे भी दरवाजा है। रामबीर शौकीन ने पीवीआर सिनेमा साकेत पहुंचकर अपने पत्नी को फोन किया और पैसे व अन्य सामान मंगाया। यहां से रामबीर शौकीन मेंहदीपुर बालाजी गया। इसके बाद ज्वाला देवी गया। वह फरारी के दौरान कई मंदिरों में गया था। वह हरियाणा, राजस्थान व हिमाचल में छिपता रहा। रामबीर शौकीन फरारी के दौरान कई बार दिल्ली आया। यूपी पुलिसकर्मी सफदरजंग अस्पताल आए और यहां से दिल्ली पुलिस को रामबीर शौकीन के फरार होने की सूचना दी।