यूनाइटेड हिंदू फ्रंट ने अयोध्या विवादित ढांचा विध्वंस की वर्षगांठ को ‘‘विजय दिवस’’ के रुप में मनाया


  •  राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर कुरान की विवादास्पद 24 आयतो की पढ़ाई पर  प्रतिबंध लगाने की मांग की।
नई दिल्ली।  यूनाइटेड हिंदू फ्रंट ने अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस की वर्षगांठ पर आज 6 दिसंबर को ‘‘विजय दिवस’’ के रुप में मनाया। भारी संख्या में कार्यकर्ता मंदिर मार्ग, नई दिल्ली स्थित हिंदू महासभा भवन के निकट एकत्रित हुए। इस अवसर पर अनेक साधु महात्मा एवं प्रबुद्ध हिंदू राष्ट्रवादी नेता उपस्थित थे। राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भेंट करके विवादास्पद 24 आयतो को कुरान से हटाने और हिंदुस्तान में पढ़ने- पढ़ाने से रोक लगाने की मांग की गई जिनमें गैर मुस्लिमों का जबरी धर्मांतरण करने और ऐसा ना करने पर मारने -काटने- लूटने अथवा जिंदा जला देने का आदेश दिया गया है।
फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष  एवं वरिष्ठ भाजपा नेता  श्री जय भगवान गोयल ने इस अवसर पर कहा कुरान की विवादास्पद 24 आयतें  मदरसों में एवं मौलवियों द्वारा मस्जिदों में पढ़ाने से मुसलमानों में गैर मुस्लिमों के प्रति घृणा और विद्वेष फैलता है। बच्चे बाल्यकाल से ही दूसरे धर्मों के प्रति नफरत करने लगते हैं। इन्हें कुरान से हटाने और हिंदुस्तान में पढ़ने पढ़ाने से रोक लगाने की मांग हम दोहराते हैं। हमारा संविधान अथवा कोई भी धार्मिक ग्रंथ दूसरे संप्रदायों के प्रति घृणा या नफरत की अनुमति नहीं देता।
        श्री गोयल ने कहा कि हमें अयोध्या के बाद काशी और मथुरा को मुक्त करवाना है जिन्हें जानबूझकर मस्जिदों का निर्माण कर के विवादित बना दिया गया। इसके लिए हम देशव्यापी जन जागरण अभियान  चलाएंगे जिसका शुभारंभ कर दिया गया है। मथुरा और काशी मुक्त कराने के लिए लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाएंगे व न्याय प्राप्त करेंगेद्य उन्होंने कहा कि हिंदुओं को अपने अधिकारों एवं अस्तित्व बनाए रखने के लिए जातिवाद बुलाकर एकजुट होना होगा। सरकारों और न्यायपालिका को भी हिंदुस्तान के बहुसंख्यक हिंदुओं को पूरा सम्मान देना होगा।
        इस अवसर पर उपस्थित महानुभावों में सर्व श्री बाबा टन गिरी जी, बाल योगेश्वर जी, राधा कांत वत्स, ईश्वर चैधरी (प्रभारी, दिल्ली प्रदेश), धर्मेन्द्र बेदी (अध्यक्ष, दिल्ली प्रदेश), जय प्रकाश बघेल, इन्द्र पाल , जोगिन्द्र शर्मा, जितेन्द्र कुमार, शिव कुमार शर्मा, सुबोध बिहारी, अवध कुमार, श्रीकांत यादव, श्रीमति गीता भारद्वाज, श्रीमति सुमन शर्मा, श्रीमति विनिता श्रीवास्तव, श्रीमति ओम वती आदि पदाधिकारियों के नाम उल्लेखनीय हैं।