एक जनवरी से आरएफआईडी टैग के बिना दिल्ली में कमर्शियल गाड़ियों के प्रवेश पर रोक


राजीव गौड,(दिल्ली ब्यूरो)। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाणिज्यिक वाहनों को अब रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टैग ना लगाना या ठीक से ना लगाना भारी पड़ सकता है। एक जनवरी से बिना आरएफआईडी टैग के वाणिज्यिक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा। नवगठित वायु गुणवत्ता आयोग ने दिल्ली के प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। निगमों की तरफ से दिल्ली प्रवेश के दौरान स्थापित किए गए 13 टोल प्लाजा पर आरएफआईडी प्रणाली स्थापित की गई है। जिसके माध्यम से आरएफआईडी प्रणाली वाले वाहनों की पहचान की जाती है। अगस्त 2019 से इस प्रणाली का प्रयोग किया जा रहा है, जिसके तहत अभी तक बिना आरएफआईडी टैग वाले वाहनों पर भारी जुर्माने का प्रावधान किय गया है। अब वायु गुणवत्ता आयोग दिल्ली के 13 टोल प्लाजा पर आरएफआईडी प्रणाली के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। इससे पूर्व अगस्त 2020 में आयोग के संज्ञान में आया था कि दिल्ली में 13 टोल प्लाजा पर आरएफआईडी को पूरी तरह से लागू नहीं किया जा रहा है और बिना टैग के ही वाहनों को छूट दी जा रही है। जिसके बाद आयोग ने दक्षिण दिल्ली नगर निगम को 1 जनवरी, 2021 से सभी 13 टोल प्लाजा पर आरएफआईडी टैग का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था।
13 टोल प्लाजाओं से 70 फीसदी वाणिज्यिक वाहनों को प्रवेश
दिल्ली की सीमा में प्रवेश से पहले लगाए गए 13 टोल प्लाजाओं से अन्य राज्यों से आने वाले 70 फीसदी वाणिज्यिक वाहन दिल्ली में प्रवेश् करते हैं। ऐसे में इसलिए प्रदूषण की निगरानी व नियंत्रण के लिए टोल प्लाजाओं पर आरएफआईडी प्रणाली लगाई गई थी।
10 साल पुराने वाणिज्यिक वाहनों की पहचान के लिए आरएफआईडी प्रणाली
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने 15 जुलाई 2019 को आरएफआईडी परियोजना को लांच किया था। इस परियोजना के तहत आरएफआईडी टैग के माध्यम से 10 साल पुराने वाणिज्यिक वाहनों की पहचान की जाती है। प्रदूषण के मद्देनजर 10 साल पुराने वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर रोक के प्रावधान किए गए हैं।