अगर वाहनों पर लिखवाई जाती जातिगत सब्द तो जाना पड़ेगा जेल


प्रेम प्रकाश त्रिपाठी,(गाजियाबाद)। जातिगत वैमनस्यता को बढ़ाने वाले शब्दों व चिन्हों को वाहनों पर लिखवाना अथवा बनवाना वाहन चालकों/स्वामियों पर न केवल भारी पड़ सकता है बल्कि ऐसे वाहन चालकों/मालिकों को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। सूत्रों के मुताबिक एक जागरूक नागरिक ने पीएमओ को पत्र लिखकर सूचित किया था कि वर्तमान में ऐसे व्यक्तियों की संख्या गुणात्मक रूप से बढ़ रही है जो अपने अपने वाहनों पर या तो जाति सूचक शब्द लिखवाकर जातिगत व्यवस्था बढ़ा रहे हैं या फिर धार्मिक उन्माद को बढ़ाने वाले स्टीकर लगवा कर सामाजिक ढांचे को तोड़ने की प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष कोशिश कर रहे हैं। उक्त पत्र के मिलते ही पीएमओ ने प्रदेश सरकार को ऐसी प्रथा पर अंकुश लगाने के लिए बोल दिया। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने यह सर्कुलर जारी कर दिया कि ऐसे शब्दों व अथवा स्टीकरों को वाहनों पर लगवाना अंकित करना गैर कानूनी है। जिससे जातिगत अथवा धार्मिक वैमनस्य फैलने का अंदेशा हो। इस नियम में यह भी प्रावधान है कि अगर कोई भी वाहन चालक/स्वामी अपने वाहन पर ऐसे शब्दों अथवा स्टॉकटोन को लगाकर घूमता हुआ मिला तो ऐसे वाहन स्वामी अथवा चालक के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करने के साथ-साथ उसे जेल भी भेजा जा सकता है। शासन के आदेश के आते ही गाजियाबाद पुलिस प्रशासन ने भी ऐसे वाहन चलाने के खिलाफ अभियान चलो की कवायद शुरू कर दी है।