सदर बाजार के शातिर 'मामा गैंग' का दिल्ली पुलिस ने फोड़ा भांडा


अभय गंगवार,(नई दिल्ली)। झपटमारी और गाड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे सदर बाजार के शातिर 'मामा गैंग' का भांडा फूट गया है। गैंग शादी समारोह से बाहर निकलने वाली महिलाओं से स्नैचिंग करता था। हर वारदात के लिए चोरी की नई गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। आरोपियों की शिनाख्त सदर बाजार के शुभम उर्फ मामा (19) और यश (19) के तौर पर हुई है। दोनों झपटमार पांच दिन वारदातें करते थे, बाकी दो दिन इससे मिलने वाले पैसों से मौज-मस्ती करते थे। इनसे चोरी के मोबाइल लेकर आईएमईआई नंबर बदलने वाले रिसीवर मोहम्मद तौफीक (23) को भी गिरफ्तार किया गया है। इनसे 16 मोबाइल और 5 चोरी के टू-वीलर रिकवर हुए हैं। डीसीपी (सेंट्रल) संजय भाटिया ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी से 9 केस सॉल्व हुए हैं। यह हर दिन वारदात के लिए अलग-अलग स्कूटर का इस्तेमाल करते थे। इसलिए पुलिस के मुखबिर नेटवर्क से भी बचे हुए थे। डीबीजी रोड थाने के एसएचओ मधुकर राकेश की देखरेख में सीदीपुरा पुलिस चौकी इंचार्ज संदीप गोदारा, एएसआई विनोद, एचसी शेखर, सिपाही रवि और प्रवीण की टीम ने इलाके में हो रही झपटमारी और गाड़ी चोरी की वारदातों की जांच में जुटी। जांच में खुलासा हुआ कि डीबीजी रोड इलाके में कई वाटिका होने से यहां शादी समारोह चलते रहते हैं। बदमाश यहां आने वाली महिलाओं को टारगेट बना रहे थे। मामा गैंग के दो बदमाश इन वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जो कभी जेल नहीं गए हैं। पुलिस टीम ने इनके बारे में जानकारी जुटाकर 19-20 दिसंबर की रात रानी झांसी रोड पर झंडेवालान मंदिर की तरफ से आते हुए स्कूटर सवार दो संदिग्ध को रुकने का इशारा किया। दोनों यू-टर्न लेकर फरार होने लगे। पुलिसकर्मियों ने शुभम उर्फ मामा और यश को काबू कर लिया। इनसे बरामद स्कूटर पहाड़गंज इलाके से चोरी किया गया मिला। इनका कोई पिछला क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं था। इनसे चोरी के चार मोबाइल मिले। पूछताछ में बताया कि गफ्फार मार्केट में मोबाइल शॉप चलाने वाले मोहम्मद तौफीक को मोबाइल बेचते हैं। पुलिस ने इससे 12 और मोबाइल रिकवर किए। यह आईएमईआई नंबर बदलकर इन्हें बेचता था। अगर किसी मोबाइल का नंबर नहीं बदल पाता था तो फिर उनके पार्ट्स को दूसरे मोबाइल में फिट कर देता था। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से 9 केस सॉल्व करने का दावा किया है।