कानपुर में छोटा राजन-मुन्ना बजरंगी के नाम पर डाक टिकट जारी हो गए, पोस्ट मास्टर जनरल ने दी सफाई


  • कानपुर डाक घर से लापरवाही का बड़ा मामला आया सामने, छोटा राजन और मुन्ना बजरंगी के डाक टिकट
  • कानपुर के पोस्ट मास्टर जनरल ने कहा कि उन्हें इस विषय में जानकारी नहीं है, मामले की जांच कराई जाएगी
  • भारत सरकार की माई स्टांप योजना के तहत अपनी या परिजनों की तस्वीर वाले 12 डाक टिकट जारी करा सकते हैं
कानपुर ब्यूरो। कानपुर हेड पोस्ट ऑफिस से लापरवाही का बड़ा मामला सामने है। यहां से अंतरराष्ट्रीय माफिया छोटा राजन और बागपत जेल में गैंगवार में मारे गए मुन्ना बजरंगी की तस्वार वाले डाक टिकट जारी कर दिए गए। लापरवाही के सवाल उठने पर पोस्ट मास्टर जनरल ने सफाई दी। पोस्ट मास्टर जनरल ने कहा कि उन्हें इस विषय में जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। वहीं चीफ पोस्ट मास्टर हिमांशु मिश्रा ने कहा, 'डाक विभाग आईडी के साथ एक फॉर्म जमा करके माइ स्टांप योजना की सुविधा देता है। हमारे कर्मचारियों को पहले तस्वीरों को वेरिफाई करना चाहिए था।'
पोस्ट मास्टर जनरल ने दी सफाई
योजना के तहत केवल जीवित व्यक्तियों के ही डाक टिकट जारी किए जा सकते हैं लेकिन जुलाई 2018 में बागपत जेल में गैंगवार के दौरान मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई थी। लापरवाही का मामला सामने आने पर डाक विभाग के पोस्ट मास्टर जनरल वीके शर्मा ने बयान जारी कर कहा, 'किसी माफिया का डाक टिकट जारी होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो जांच कराई जाएगी।' उन्होंने यह भी बताया कि माई स्टांप डाक योजन के तहत अपना डाक टिकट बनवान के लिए शख्स को खुद ऑफिस आना पड़ता है। यहां वेबकैम के जरिए फोटो खींची जाती है। आवश्यक डॉक्युमेंट देने के बाद डाक टिकट जारी किया जाता है।
माई स्टांप योजना?
दरअसल भारत सरकार की माई स्टांप योजना के तहत 300 रुपये शुल्क जमा करके आप अपनी या परिजनों की तस्वीर वाले 12 डाक टिकट जारी करा सकते हैं। केंद्र सरकार ने माई स्टांप योजना 2017 में शुरू की थी। इस योजना को विश्व फिलैटली प्रदर्शन के दौरान शुरू किया गया था। ये डाक टिकट भी अन्य डाक टिकटों की तरह मान्य होते हैं और देश के किसी भी कोने में डाक में इसे चिपकाकर भेजा जा सकता है।
हालांकि डाक टिकट बनवाने के लिए कई काफी लंबी प्रक्रिया है और कई चेक पॉइंट हैं। ऐसे में इतनी क्रॉस चेकिंग के बाद भी दो-दो माफिया डॉन के नाम पर डाक टिकट जारी होने से डाकघर की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
डाक टिकट बनवाने के लिए क्या है प्रकिया?
डाक टिकट बनवाने के लिए आवेदक को पासपोर्ट साइज की फोटो और पूरा ब्योरा देना पड़ता है।
फॉर्म भरवाया जाता है जिसमें पूरी जानकारी ली जाती है।
डाक टिकट केवल जीवित व्यक्ति का ही बनता है, जिसके वैरिफिकेशन के लिए उसे डाक विभाग आना पड़ता है।
शख्स को अपने साथ तस्वीर, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आइडी लेकर आना अनिवार्य है।
क्रॉस चेकिंग के बाद आवेदक की फोटो वाला डाक टिकट जारी होता है।