नाबालिग सगी भतीजी से शादी करना चाहता था चाचा, बाधक बने भतीजे को उतारा मौत के घाट


फिरोजाबाद। कोरोना काल में बड़े भाई के साथ रहने गए छोटे भाई को अपनी ही भतीजी पसंद आ गई। वह उसके साथ शादी करना चाहता था। इसके लिए उसने भतीजी और दो भाइयों को अगवा कर लिया। उसने अपने मकान का सौदा भी कर दिया था। एक दिन बाद मकान का पैसा आने वाला था और पैसा लेकर वह भतीजी को अपने साथ लेकर रफूचक्कर हो जाता लेकिन इससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। थाना जसराना के गांव कुशियारी निवासी बच्चू पुरी अपनी पत्नी मीना देवी को 12 दिसंबर को दवा दिलाने टूंडला आया था। लौटते वक्त बाइक खराब हो गई तो टूंडला के स्वरूप नगर निवासी अपने भाई अमर सिंह के घर रुक गया था। घर पर 13 वर्षीय बेटी शिवानी, 11 वर्षीय वरुण एवं नौ वर्षीय अरुण रह गए थे। उन्होंने उन्हें फोन पर बताया कि सुबह आएंगे। इधर रात में अमर सिंह एक कार से जसराना पहुंचा तथा तीनों बच्चों को बहाने से टूंडला बुला लाया। उसने बच्चों के मस्जिद रोड स्थित एक खाली मकान में ले जाकर बंधक बना दिया। अमर ने यह मकान डॉक्टर रवि यादव से कुछ दिन पहले ही किराए पर लिया था। इधर सुबह बच्चू पत्नी के साथ गांव पहुंचे तो बच्चे नहीं मिले।
पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस तहकीकात में बच्चों के मोबाइल पर आखिरी कॉल अमर सिंह की थी। एसएसपी अजय कुमार पांडे ने बताया कि जब सख्ती से आरोपी चाचा से पूछताछ की गई तो उसने सबकुछ बता दिया। उसने बताया कि लॉकडाउन में वह भाई के यहां रहने आ गया था। तभी से वह भतीजी से शादी करने के सपने देखने लगा था। इसके लिए उसने भतीजी समेत दोनों भतीजों को अगवा कर लिया था।
मां ने कर ली थी दूसरी शादी
उसकी मां ने दूसरी शादी टूंडला के स्वरूप नगर में की थी। सौतेले पिता की मौत के बाद उनकी जमीन जायदाद में वह मां के साथ बड़े भाई से अलग रहता था। वह भतीजी से शादी करना चाहता था। इसका भतीजे वरूण ने विरोध किया था। इस पर उसने उसकी हत्या कर दी। मकान का सौदा भी उसने 40 लाख रुपये में कर दिया था, जो उसे गुरुवार को मिलने वाले थे। पैसे लेकर वह भतीजी को साथ लेकर भागने की फिराक में था लेकिन पुलिस की सक्रियता से उन्हें बरामद कर लिया गया।