गरीबी की वजह से दान किया पहला बेटा, अब दूसरे बच्चे को बेचने जा रही थी मां


आगरा ब्यूरो। आगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में एक महिला गरीबी की वजह से अपने बच्चे को बेचने जा रही थी। बच्चा अभी डेढ़ महीने का है। महिला दुधमुंहे बच्चे को मात्र दस हजार रुपये में किसी अनजान के हवाले करने जा रही थी। मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने बच्चे को अस्पताल में ऐडमिट कराने के बाद कर्तव्य की इतिश्री कर ली है। बताया जा रहा है कि महिला पूर्व में अपने तीन साल के बेटे को भी अपनी जेठानी को गोद दे चुकी है। जानकारी के अनुसार थाना सदर के गोपालपुरा नंद पूरा क्षेत्र की रहने वाली पिंकी पत्नी लोकेश दो दिन पूर्व अपने डेढ़ माह के नवजात को इलाज के लिए लाई थी। महिला के अनुसार उसका पति नशे और सट्टे का आदी है। परिवार के लालन-पालन में वह कोई योगदान नहीं करता है। उसकी खुद की तबीयत भी खराब रहती है और उसे दौरे पड़ते हैं। वह अपने मासूम का लालन-पालन करने में असमर्थ है, इसीलिए उसने खंदारी क्षेत्र की एक महिला से दस हजार में बेटे का सौदा किया था। ताकि उसके बेटे को आराम से भोजन और रहने की व्यवस्था हो जाए। इस मामले में समाज सेवी महफूज संस्था के कोऑर्डिनेटर नरेश पारस ने बताया कि महिला के बच्चा बेचने की सूचना पर वह पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने 181, 1090 और एसएसपी आगरा तक को फोन किया पर सही प्रतिक्रिया नहाीं मिली। आखिर में एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद को जानकारी देने पर थाना एमएम गेट पुलिस वहां पहुंची और एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संजय काला मौके पर पहुंचे। इसके बाद बच्चे को इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इस मामले में नरेश पारस का कहना है कि अगर सरकार की स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ पीड़िता को मिल जाए तो आसानी से 2 हजार मासिक भत्ते पर उसका गुजारा हो सकता है। इस मामले में जिलाधिकारी प्रभु नारायण से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। हालांकि एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद का कहना है कि इस मामले की जांच की जाएगी और जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।