कल से चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली से नोएडा आने वाला रास्ता भी बंद करने का एलान


गाजियाबाद ब्यूरो। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन 21वें दिन भी जारी है। किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार कुछ संशोधन पर अडिग है तो किसान कृषि कानूनों को वापस कराने की मांग पर अड़े हैं। अब किसानों को सरकार को लिखित जवाब दे दिया है कि उन्हें सरकार का संशोधन का प्रस्ताव मंजूर नहीं है। वहीं, आज कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर हो रहे किसानों के आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। दायर याचिका में कहा गया है कि धरना-प्रदर्शन से आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। किसानों ने चिल्ला बॉर्डर जाम कर दिया है। किसानों यूनियन का अंबावत गुट आज चिल्ला बॉर्डर पर पहुंचा। यहां उन्होंने गुरुवार से चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली से नोएडा आने वाले रास्ते को भी बंद करने का एलान किया है। सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए पेट्रोल पंप को टेंट सिटी में बदला गया। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि, 'हमारी कंडीशन देख कर फाउंडेशन वालों ने ये टेंट लगवाए। इनमें अब ठंड नहीं लगती। इसके लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता। इसका सारा रख रखाव यही करते हैं।