स्कूटर पर लाशः 24 घंटे के भीतर सुलझी गुत्थी, शव के साथ कमरे में कई घंटे बंद रहा आरोपी


  •  दोस्त ने की थी दोस्त की हत्या, शव के साथ कमरे में रहा कई घंटे
  • लॉकडाउन में 77 हजार रु. दिए थे उधार, न लौटाने पर किया मर्डर
  • इलाके में आधा दर्जन से अधिक CCTV में संदिग्ध शख्स दिखा
  • पुलिस ने डोर टु डोर वेरिफिकेशन करके आरोपी की पहचान की
दिल्ली ब्यूरो। पुलिस ने सीसीटीवी में कैद स्कूटर पर लाश की गुत्थी को 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान 24 वर्षीय अंकित उर्फ बिट्टो के तौर पर हुई है। प्रेम नगर थर्ड के अब्राहम नगर स्थित गली नंबर 4 में रहता है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय रवि के तौर पर हुई। डीसीपी पीके मिश्रा के मुताबिक, दोनों में दोस्ती थी। रवि सिलाई के काम से जुड़े हुए थे। काम धंधा ठीक से न चल पाने की वजह से पैसों की तंगी हो गई थी। दोस्ती की वजह से अंकित से उधार के तौर पर 77 हजार रुपए ले लिए थे। जिन्हें रवि समय से लौटा नहीं पा रहे थे। बस इसी बात पर आरोपी ने बातचीत के बहाने से अपने अलग कमरे में बुलाकर हत्या कर दी। कमरे में शव के साथ कई घंटे तक कमरे में रहा। वहीं पर बोरे में लाश को पैक करके आरोपी अंकित अपने स्कूटर पर रखकर ठिकाने लगाने निकला था। पुलिस ने आरोपी के पास से स्कूटी को भी बरामद कर लिया। वारदात को सुलझाने में पुलिस को सीसीटीवी से सुराग मिला। फिर डोर टु डोर वेरिफिकेशन करके आरोपी की पहचान की।दरअसल, मंगलवार दोपहर प्रेम नगर पुलिस को कॉल मिली कि एक बोरे के अंदर डेडबॉडी जैसी चीज पड़ी है और बाहर खून आ रहा है। एसआई सुनील स्टाफ के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। जहां प्लास्टिक में पैक डेडबॉडी मिली। हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। इलाके में आधा दर्जन से अधिक सीसीटीवी में संदिग्ध शख्स दिखाई दिया। इंस्पेक्टर आदित्य रंजन के सुपरविजन में एसआई सुनील, कॉन्स्टेबिल ओम प्रकाश, विक्रम ने डोर टु डोर जांच की। लोकल इंक्वायरी के बाद आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान काम बंद होने पर मृतक ने 77000 रुपये उधार लिए थे। लेकिन लौटाने में टालमटोल कर रहा था। 28 की रात को उसने रवि को कमरे पर बुलाया। जहां तीखी कहासुनी हो गई। अंकित ने गुस्से में रवि का सिर दीवार में मार दिया। वह बेहोश हो गया। उसके बाद प्लास्टिक की डोरी से गला घोंट दिया। स्कूटर से शव को ठिकाने लगा दिया। रवि शादीशुदा थे। उनके परिवार में माता पिता, पत्नी और बच्चे हैं। जबकि आरोपी अंकित भी शादीशुदा है। बचपन से ही वह टेलर का काम करता है।