न्यायिक हिरासत में ठेकेदार अजय त्यागी का खुलासा- अफसरों को देता था 30 पर्सेंट कमीशन


  • ठेकेदार अजय त्यागी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है
  • पूछताछ में खुलासा, अफसरों को 30 पर्सेंट कमीशन दिया करता था
  • मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेजा गया
  • घटना के बाद से फरार चल रहे त्यागी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी था
सूर्य प्रकाश,(गाजियाबाद)। यूपी के मुरादनगर हादसे के लिए जिम्मेदार ठेकेदार अजय त्यागी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि वह अफसरों को 30 पर्सेंट कमीशन दिया करता था। पुलिस ने सोमवार देर रात ही ठेकेदार अजय त्यागी को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद से फरार चल रहे त्यागी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। लंबी पूछताछ के बाद मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उधर घटना से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्य में हुए सरकारी धन के नुकसान के साथ ही मृतकों के परिवार को दी जा रही सहायता राशि की भरपाई जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों से करने के निर्देश दिए हैं। नुकसान के साथ आश्रितों को दी जा रही मुआवजा राशि की भरपाई पहली बार ठेकेदार और अफसरों से की जाएगी।
मुरादनगर हादसे से सबक, हर जिले में होगी निर्माण कार्यों की समीक्षा
मुरादनगर हादसे के बाद समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि हर जिले में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है। जिले में हो रहे सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की टास्क फोर्स औचक जांच करेगी। मुख्यमंत्री ने हर बड़े प्रोजेक्ट की कम से कम 3 बार औचक गुणवत्ता जांच कराने और उसकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश अफसरों को दिए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हादसे में 24 लोगों की मौत, मृतकों के परिवार को 10 लाख मुआवजा
रविवार को गाजियाबाद के मुरादनगर में हुए हादसे में 24 लोगों की जान चली गई। सीएम योगी ने मृतकों के परिवार को 10 लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अफसरों को दिए हैं। सीएम ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जो उत्तर प्रदेश में कार्य कर रहे ठेकेदारों और अफसरों के लिए एक सबक हो।