तालाब की खुदाई में इतनी बड़ी 'गलती', मिट्टी के ढेर में दब गए 8 बच्चे, तीन की मौत


  • तालाब के चौड़ीकरण के लिए हो रही थी खुदाई, मिट्टी के ढेर में दब गए 8 बच्चे
  • मिट्टी के ढेर में दब गए 8 बच्चों में से 3 की हो गई मौत, गांव वालों ने लगाया आरोप
  • ग्रामीणों ने कहा, बिना पैमाइश हो रहा था यह पूरा काम, मुआवजे की मांग
आगरा ब्यूरो। आगरा के कस्बा रुनकता में पुलिस चौकी से थोड़ी दूर गांव में तालाब चौड़ीकरण के लिए खुदाई हो रही थी। नजदीक ही बच्चे खेल रहे थे। मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा गिरने से बच्चे उसके नीचे दब गए। वहां मौजूद लोगों और पुलिस ने तत्काल रेस्क्यू किया। बच्चों को इलाज के लिए ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान तीन बच्चों की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि की ओर से बिना पैमाइश तालाब खोदा जा रहा था। ग्रामीणों ने प्रशासन से घायलों के इलाज व मृतकों के लिए मुआवजे की मांग की है। सिकंदरा थाना क्षेत्र के कस्बा रुनकता में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हो जाने से कोहराम मचा हुआ है। देर शाम पुलिस को आठ मासूम बच्चों के मिट्टी की ढ़ेर में दबे होने की जानकारी हुई। जानकारी के मुताबिक तीन दिन पूर्व प्रधान प्रतिनिधि अनूप सिकरवार ने पोखर के चौड़ीकरण कराने हेतु खुदाई कार्य शुरू कराया था। बिना पैमाइश काम शुरू होने पर जिला पंचायत सदस्य वॉर्ड नंबर 15 ताराचंद ने विरोध करते हुए कोई बड़ी घटना का अंदेशा जताया था। गुरुवार को वहां जेसीबी से खुदाई चल रही थी। उसी दौरान मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा गिर गया और वहां खेल रहे बच्चे दब गए। हादसे के बाद वहां चीख पुकार मच गई। सूचना पर आई पुलिस ने सभी बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा है। लोगों का कहना है कि खुदाई का काम अवैध रूप से किया जा रहा था लेकिन समय रहते किसी ने ध्यान नहीं दिया। यदि समय के साथ सुनवाई की जाती तो हादसा ना होता। ग्रामीणों ने घायल बच्चों के लिए उचित इलाज और मृतक बच्चों के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। एएसपी अभिषेक कुमार के अनुसार मामले में जांच चल रही है और फिलहाल बच्चों का उचित इलाज हमारी प्राथमिकता है।