एसडीएम घूसकांड: एसीबी कोर्ट ने दोनों एसडीएम को भेजा जेल, एसपी मनीष अग्रवाल के दलाल को सौंपा रिमांड पर


  • दौसा घूस कांड मामले में तीनों आरोपियों को किया कोर्ट में पेश
  • गिरफ्तार किये गये दोनों एसडीएम भेजे गये जेल
  • एसपी के दलाल को कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेजा
दौसा। राजस्थान के दौसा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए बुधवार को जिन दो एसडीएम और एक आईपीएस के दलाल को गिरफ्तार किया था गुरुवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जयपुर एसीबी कोर्ट ने एसडीएम दौसा पुष्कर मित्तल और एसडीएम बांदीकुई पिंकी मीणा को जेल भेज दिया वहीं तत्कालीन दौसा एसपी मनीष अग्रवाल के दलाल नीरज मीणा को 2 दिन के एसीबी रिमांड पर भेजा है। ऐसे में अब एसीबी के अधिकारी आगामी 2 दिनों तक आईपीएस मनीष अग्रवाल के दलाल से पूछताछ करेंगे। एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन ने बताया था कि दौसा के तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल के नाम से दलाल नीरज मीणा की ओर से सड़क निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों से 38 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। ऐसे में अब दलाल से पूछताछ के बाद इस घूसकांड के अन्य चेहरे भी बेनकाब होंगे। बताया जा रहा है कि दलाल केस को रफा-दफा करने के नाम पर 10 लाख रुपए एसपी तक भिजवाने का दावा करता था ऐसे में केस को रफा-दफा थाना स्तर पर ही संभव है। दलाल की दलील से दौसा के थाना अधिकारियों व अन्य पुलिस अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है कि आखिर केस को रफा-दफा करने में कौन-कौन से पुलिस के अधिकारी लिप्त रहते थे। इधर, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इस पूरे मामले में तार से तार जोड़ने की कोशिश कर रहा है। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान एक्सप्रेस वे के लिए लाई गई मिट्टी खुदाई में भी भ्रष्टाचार की बू आ रही है। दौसा जिले में अनेक खेत ऐसे हैं जहां बड़े-बड़े गड्ढे बिना अनुमति से कर दिए हैं जिनमें भी प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत और भ्रष्टाचार की संभावना जताई जा रही है। हालांकि एसीबी की ओर से दलाल से पूछताछ और अन्य साक्ष्य जुटाने के बाद ही इस घूस कांड के अन्य चेहरे सामने आ सकेंगे साथ ही अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों भी एसीबी के रडार पर आ सकते हैं।