'किसान महापंचायत' स्थल पर तोड़फोड़ की खट्टर ने की निंदा, कहा- घटना के पीछे कांग्रेस, कम्युनिस्टों का हाथ


  • हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने चंडीगढ़ में की प्रेसवार्ता
  • करनाल के कैमला गांव में 'किसान महापंचायत' स्थल पर तोड़फोड़ की निंदा की
  • हरियाणा सीएम खट्टर ने बीकेयू नेता गुरनाम सिंह चरूनी पर साधा निशाना
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल जिले के कैमला गांव में 'किसान महापंचायत' के कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा की है। सीएम खट्टर ने इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी का हाथ होने का आरोप लगाया है। खट्टर ने कहा कि किसान आंदोलन की आड़ लेकर कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी अपनी खोई जमीन हासिल करने की कोशिश में लगी हैं। इसके साथ ही उन्होंने बीकेयू नेता गुरनाम सिंह चरूनी पर भी निशाना साधा। हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर रविवार शाम करनाल जिले के कैमला गांव में प्रदर्शनकारी किसानों की ओर से 'किसान महापंचायत' के कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ किए जाने के बाद चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित किया।। सीएम खट्टर ने कहा कि प्रशासन ने शनिवार को (विरोध करने वाले किसानों) लोगों से बात की थी। इस पर वे सांकेतिक विरोध करने के लिए सहमत हो गए थे। प्रशासन ने उन पर भरोसा करते हुए पूरी तैयारी की थी। आज इस कार्यक्रम में 5000 से अधिक लोग उपस्थित थे। लेकिन कुछ युवा अपना वादा निभाने में असफल रहे।
कांग्रेस पर बोला हमला
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कोई भी बोलना चाहता है, उसमें बाधा डालना सही नहीं है। मुझे नहीं लगता कि लोग डॉ बीआर अंबेडकर की ओर से दिए गए प्रावधानों के उल्लंघन को बर्दाश्त करेंगे। कांग्रेस ने 1975 में लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास किया था। उस समय लोगों ने उनके घृणित कार्य की पहचान की और उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया।
किसानों को तीन कृषि कानूनों के 'फायदे' बताने वाले थे खट्टर
दरअसल हरियाणा में करनाल जिले के कैमला गांव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर लोगों को केंद्र के तीन कृषि कानूनों के 'फायदे' बताने वाले थे। इससे पहले पुलिस ने कैमला गांव की ओर किसानों के मार्च को रोकने लिए उन पर पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले छोड़े। बहरहाल, प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गए और 'किसान महापंचायत' कार्यक्रम को बाधित किया। उन्होंने मंच को क्षतिग्रस्त कर दिया, कुर्सियां, मेज और गमले तोड़ दिए। किसानों ने अस्थायी हेलीपेड का नियंत्रण भी अपने हाथ में ले लिया जहां मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरना था।
गुरनाम सिंह चरूनी के कहने पर किसानों ने किया हुड़दंगी व्यवहार
बीजेपी नेता रमण मल्लिक ने बताया कि बीकेयू नेता गुरनाम सिंह चरूनी के कहने पर किसानों के हुड़दंगी व्यवहार के कारण कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। पुलिस ने गांव में मुख्यमंत्री की यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इस गांव में खट्टर लोगों को केंद्र के तीन कृषि कानूनों के 'फायदे' बताएंगे। भारतीय किसान यूनियन (चरूनी) के तत्वावधान में किसानों ने पहले घोषणा की थी कि वे 'किसान महापंचायत' का विरोध करेंगे। वे तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। किसान काले झंडे लिए हुए थे और बीजेपी नीत सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कैमला गांव की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।