महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में वोल्टेज का हो रहा था उतार-चढ़ाव, ध्यान दिलाने पर भी अस्पताल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान


  • भंडारा के अस्पताल में वोल्टेज का हो रहा था उतार-चढ़ाव
  • पैरेंट्स के ध्यान दिलाने पर भी अस्पताल ने नहीं दिया ध्यान
  • एक करोड़ के अग्निसुरक्षा उपकरण खरीदने का प्रस्ताव लंबित
कांती जाधव,(मुंबई ब्यूरो)। महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में लगी आग ने 10 मासूमों की जिंदगी ले ली। ऐसी दु:खद घटना फिर न हो, इसके लिए सरकार ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों के नवजात कक्ष का ऑडिट करने का आदेश जारी किया है। आग के कारणों का सटीक पता लगाने के लिए राज्य सरकार ने नागपुर अग्नि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं राज्य विद्युत विभाग के विशेषज्ञ को जिम्मेदारी दी है। बताया गया है कि वोल्टेज का उतार-चढ़ाव हो रहा था, किसी ने ध्यान नहीं दिया। भंडारा के इस अस्पताल में 2015 में बच्चों के लिए यह वॉर्ड खोला गया था और अब इस बात की जांच की जाएगी कि नए भवन की अग्नि संबंधी ऑडिट की गई थी या नहीं। हादसे के बाद अस्पताल में आने वालों का तांता लगा रहा, जिनमें ज्यादातर नेता थे। स्थानीय प्रशासन ने मीडिया को दूर रखने के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मार्ग पर अवरोधक लगा दिए थे। भाजपा नेता और राज्य के पूर्व ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दावा किया कि आग लगने की घटना में मृत बच्चों के रिश्तेदारों ने पिछले सात दिनों से बिजली के वोल्टेज में हो रहे उतार-चढ़ाव के बारे में अस्पताल प्रशासन को जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप भी लगाया कि अस्पताल के लिए एक करोड़ रुपये के अग्निसुरक्षा उपकरण खरीदने का प्रस्ताव सरकार के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) एवं स्वास्थ्य निदेशक के पास इस साल मई से लंबित है, लेकिन अब भी वह मंजूरी की बाट जोह रहा है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने भंडारा के कलेक्टर को पत्र भेजकर कहा कि इस मामले की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि पत्र मिलने के 48 घंटे के भीतर इस मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट और दूसरे जरूरी दस्तावेज आयोग के पास भेजे जाएं।
घटना पर प्रतिक्रिया
भंडारा में आग लगने की घटना से मुझे गहरा धक्का लगा है। अपने शिशुओं को खोने वाले लोगों के परिवारों के साथ मेरी सहानुभूति है।
रामनाथ कोविंद, राष्ट्रपति
दिल तोड़ने वाली त्रासदी, जहां हमने बहुमूल्य बच्चों के जीवन को खो दिया। मेरे विचार सभी शोक संतृप्त परिवारों के साथ हैं। मुझे उम्मीद है कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएंगे।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
भंडारा जिला सामान्य अस्पताल में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना अत्यंत दुखद है। जिन बच्चों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना है। मैं महाराष्ट्र सरकार से घायलों और मृतक के परिजन को हर संभव सहायता प्रदान करने की अपील करता हूं।
राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद
यह हृदय-विदारक और स्तब्ध कर देने वाली घटना है। उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया गया है एवं दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और राज्य में अस्पतालों की आग संबंधी ऑडिट (जांच) का आदेश दिया गया है।
उद्धव ठाकरे, मुख्यमंत्री