साहब हमें जिंदा कर दो, हम भूत नहीं इंसान हैं'


  • आजमगढ़ के भरतलाल की तरह मिर्जापुर में भी सामने आए दो लोगों के मामले
  • भोला और रघु सरकारी रेकॉर्ड में मृत घोषित, सालों से लगा रहे अफसरों के चक्‍कर
  • भोला के भाई ने लेखपाल और कानूनगो संग मिलकर उसे मृत घोषित करा दिया
  • बुढ़ापे में रघु की रुक गई है पेंशन, कैसे मृत घोषित हुए उन्‍हें कोई जानकारी नहीं
मिर्जापुर। 'साहब हमें जिंदा कर दो, हम भूत नहीं इंसान हैं' लिखी तख्ती हाथों में लेकर अपने को जिंदा साबित करने के लिए एक इंसान कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाने पर मजबूर है। उसको सरकारी कागज पर मृतक घोषित कर दिया गया है। ऐसे ही 2 लोगों की कहानी और उनकी दर्द भरी दास्तां एनबीटी ऑनलाइन आपके सामने लेकर आया है। इनकी कहानी पूरी तरह से आजमगढ़ के भरतलाल से मिलती है जिनके ऊपर बनी फिल्‍म 'कागज' इनदिनों OTT प्लेटफॉर्म पर खूब देखी जा रही है।
भाई ने लेखपाल संग किया धोखा: भोला
मिर्जापुर में रहने वाले ये 2 लोग अपने को जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों और कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सबसे पहले हम बात करते हैं सिटी ब्‍लॉक के निवासी भोला की। इनका कहना है कि पिता की मौत के बाद हम दो भाइयों में जमीन बंटकर सरकारी कागज पर दर्ज हो गई थी। कुछ दिनों बाद भाई ने लेखपाल और कानूनगो के साथ मिलकर हमारा नाम खतौनी से हटाकर हमको मृत घोषित करा दिया। जानकारी होने पर हम पिछले 15 साल से अपने को कागज पर जीवित साबित करने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
बंद हो गई पेंशन, कैसे हो गुजारा: रघुनाथ
भोला के अलावा अपने को जिंदा साबित करने के लिए कोशिश कोन ब्‍लॉक के चील्ह बाजार निवासी रघुनाथ भी कर रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि हमें वृद्धावस्‍था पेंशन मिल रही थी। अचानक हमारी पेंशन बंद हो गई। जब हमने पेंशन बंद होने का पता लगाया तो पता चला कि सरकारी रेकॉर्ड में हमको मृत घोषित कर दिया गया है। इसलिए पेंशन बंद कर दी गई है। कहां से गड़बड़ी हुई है, यह हमको पता नहीं है। अब रघुनाथ भी अपने को जीवित साबित करने के लिये अधिकारियों से मिल रहे हैं और अपने को जिंदा करने का अनुरोध कर रहे हैं।
अधिकारी बोले- चल रही जांच, लेंगे ऐक्‍शन
इस मामले में सदर तहसील के उपजिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों मामले संज्ञान में हैं। इनकी जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।