मुरादनगर श्‍मशान घाट हादसे की आरोपी ईओ निहारिका चौहान का विवादों से रहा है नाता, चहेते ठेकेदारों को टेंडर देने के आरोप


  • मुरादनगर श्‍मशान घाट हादसे में ईओ समेत कई जिम्‍मेदारों पर हुआ मुकदमा
  • ईओ निहारिका चौहान का है विवादों से नाता, लगे थे कई घोटाले के आरोप
  • बागपत नगर पालिका में तैनाती के दौरान चेयरपर्सन से लंबा चला था विवाद
  • चौहान पर चहेते ठेकेदारों को टेंडर दिलवा काम की गुणवत्‍ता खराब करने के आरोप
बागपत। गाजियाबाद के मुरादनगर में श्‍मशान घाट का लिंटर गिरने से अबतक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। इस मामले में मुरादनगर नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी (ईओ) निहारिका चौहान समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। जेई समेत तीन लोग अरेस्‍ट भी हो चुके हैं। ईओ निहारिका चौहान का विवादों से पुराना नाता बताया जा रहा है। एक साल पहले वह बागपत नगर पालिका में तैनात थीं। इस दौरान उन पर चहेते ठेकेदारों को टेंडर दिलाने के आरोप लगे थे। नगरपालिका चेयरपर्सन संगीता धामा और निहारिका चौहान के बीच एक महीने तक विवाद चला था। इसके बाद बड़े स्तर पर निहारिका चौहान को पद से हटाने की मांग उठी थी। जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2019 में निहारिका चौहान खेकड़ा नगर पालिका में ईओ के पद पर तैनात थीं। विकास कार्यों में चहेते ठेकेदारों को काम देने को लेकर चेयरपर्सन संगीता धामा और निहारिका चौहान के बीच विवाद हो गया था। निहारिका चौहान ने चेयरपर्सन के गार्डो पर अभद्रता का आरोप लगाया था। वहीं, चेयरपर्सन ने ईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की थी।
लगे थे कई घोटाले के आरोप
निहारिका चौहान पर आरोप था कि वह कार्यालय में बैठकर सभासदों को भड़काती हैं और राजनीति करती हैं। इसके साथ ही वह अपने चहेते ठेकेदारों को काम देती हैं जिसमें गुणवत्ता ताक पर रखी जा रही है। उन पर सफाई कर्मियों की संख्या से लेकर नगरपालिका के लिए खरीदे गए उपकरणों में भी अनियमितता के आरोप लगे थे। ईओ निहारिका चौहान को हटाने के लिए एसपी कार्यालय पर भी जोरदार हंगामा हुआ था। बागपत के तीनों विधायक ने तत्कालीन जिलाधिकारी से ईओ को हटाने की मांग की थी।
50 लाख में ठेका लेने वाला ठेकेदार अबतक फरार
बता दें कि मुरादनगर श्‍मशान घाट हादसे में जेई समेत 3 लोगों को अरेस्‍ट किया जा चुका है। इस श्‍मशान घाट के सौंदर्यीकरण का ठेका 50 लाख रुपये में ठेकेदार अजय त्‍यागी को दिया गया था। घटना के बाद से वह भी फरार है। जिस बरामदे का लिंटर गिरा था, उसका निर्माण दो महीने पहले ही किया गया था। घटिया निर्माण सामग्री के चलते यह हादसा हो गया।