दौसा रिश्वतकांड मामले में दो एसडीएम ट्रेप होने के बाद एसपी मनीष अग्रवाल भी एसीबी के रडार पर


  • दौसा रिश्वतकांड में 2 एसडीएम और दलाल के बाद अब एसपी पर गाज
  • प्रदेश के दौसा जिले में एसीबी राजस्थान के की ताबड़तोड़ कार्रवाई
  • 38 लाख रुपये की रिश्वत मांगते हुए दलाल की हुई गिरफ्तारी
  • अब तत्कालीन एसपी का मोबाइल जब्त , रिश्वत प्रकरण में आया नाम
दौसा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो , राजस्थान की ओर से दौसा में की गई ताड़बतोड़ कार्रवाई ने जहां पूरे प्रदेश में अधिकारियों के बीच हड़कंप दिया है। वहीं अब इस मामले में लगातार परत दर परत नए खुलासे की संभावना जताई जा रही है। आपको बता दें कि एसीबी राजस्थान की ओर से उपखंड स्तर के दो आरएएस अधिकारियों के लाखों की रिश्वत लेने के मामले के खुलासे के बाद तीन लोगों को अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है। एसीबी राजस्थान ने नेशनल हाइवे निर्माण कंपनी ने रिश्वत लेने वाली दो एसडीएम (बांदीकुई और दौसा ) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस मामले में 38 लाख घूस मांगते हुए दलाल को भी रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में दलाल की ओर से एसपी के शामिल होने की बात भी स्वीकर कर ली गई है। लिहाजा इसके बाद अब तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल पर भी संकट के बादल गिरने लगे है।
दौसा एसपी का मोबाइल जब्त
दलाल नीरज के गिरफ्तार होने के बाद अब एसीबी लगातार उससे पूछताछ कर रही है। साथ ही दौसा के तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल के भी भ्रष्टाचार में शामिल होने और रिश्वत में नाम सामने आने के बाद उनके दोनों मोबाइल जप्त कर लिए गए है। मिली जानकारी के अनुसार दलाल ने कंपनी अफसरों से कहा था कि एसपी को हर माह चार लाख की मासिक बंदी देनी होगी। 7 माह के हिसाब से 28 लाख मांगे थे। इसके अलावा एक एफआईआर के निस्तारण के लिए 10 लाख रिश्वत की मांग करने का मामला भी सामने आया है। लगातार भ्रष्ट मामले सामने आने के बाद एसपी पर गाज गिरना तय है।
पूछताछ और ठिकानों को खंगालने का काम जारी
एसीबी महानिदेशक बीएल सोनी और एडीजी एमएन दिनेश की ओर से दौसा- बांदीकुई रिश्वत मामले में कई टीमों का गठन किया गया है। हाइवे निर्माण कम्पनी के मालिक से जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि दौसा में इस मामले से जुडे सभी भ्रष्ट अधिकारी सामने आ सके। वहीं एसीबी की ओर से बनाई गई अलग- अलग टीमें अब आरोपी के अन्य ठिकानों पर भी पहुंच रही है। साथ ही पूछताछ भी जारी है, ताकि जल्द से जल्द नए खुलासे हो सके।