अजीत हत्याकांड: शूटर गिरधारी का पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा


दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस की उत्तरी-बाहरी जिला पुलिस ने सूचना के बाद कुंटू गिरोह के शार्प शूटर गिरधारी उर्फ कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर उर्फ लौहार (40) को केएनू काटजू मार्गे स्थित एम-3 मॉल से दबोच तो लिया था मगर दिल्ली पुलिस करीब तीन घंटे तक उसकी पहचान नहीं कर पाई थी। पुलिस को खुद पता नहीं था कि उसने यूपी के मोस्ट वॉटेड बदमाश को दबोचा लिया है। जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी रामस्वरूप मीणा की टीम ने जब कन्हैया को गिरफ्तार किया तो उस समय उसके पास न तो मोबाइल था और न ही किसी तरह का पहचान पत्र था। जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब तीन घंटे पूछताछ करने के बाद पुलिस को कुछ हाथ नहीं लगा। पुलिस ने सख्ताई से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह लखनऊ में शराब व्यवसायी अजीत हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। सोशल मीडिया को खंगालने के बाद दिल्ली पुलिस ने यूपी पुलिस से इसे कंफर्म कराया। इसके बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट हो गई। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी पुलिस पिकेट चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसकी गिरफ्तारी पर अभी संशय बना हुआ था। आरोपी कन्हैया ने पूछताछ में बताया कि अजीत सिंह की पूर्व ब्लाक प्रमुख पत्नी ने वाराणसी में जबरदस्ती उसके शराब के ठेके पर कब्जा कर लिया था। ये बात उसने गिरोह सरगना कुंटू को बताई तो उसने कहा कि अजीत सिंह को उड़ा दो। पहले ही दोनों गिरोह में गैंगवार चल रही है। इसके बाद ये अजीत की रैकी करने लगे। कन्हैया ने अपने पांच साथियों के साथ छह जनवरी को अजीत को लखनऊ में घेर लिया और 35 राउंड गोली चलाकर उसकी हत्या कर दी। अजीत पर इस समय जेल में बंद एक बाहुबली का पूरा हाथ था। आरोपी कन्हैया का कहना है कि उसे डर था कि यूपी पुलिस उसका एनकाउंटर कर देगी।