चार किताबों का करार करने वाली पहली लेखिका बनीं गाजियाबाद की अभिजिता


सूर्य प्रकाश,(गाजियाबाद)। उम्र महज 7 साल। नाम अभिजिता गुप्ता। छोटी सी इस उम्र में इन्हें वर्ल्ड यंगेस्ट ऑथर और ग्रैंट मास्टर इन राइटिंग का खिताब मिला है। लॉकडाउन में जब लोग घरों में कैद थे, तब इन्होंने लघु कथा और कविताओं का एक संग्रह लिखा। 'हैपिनेस ऑल अराउंड' नाम से किताब प्रकाशित हुई। अब इस बच्ची ने एक और रेकॉर्ड बनाया है। एक साथ 4 किताबों का करार कर अभिजिता देश की पहली लेखिका बन गई हैं। अभिजिता को लेखनी विरासत में मिली है। प्रसिद्ध कवि मैथिलीशरण गुप्ता अभिजिता के परदादा थे। दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची इंदिरापुरम में रहती है। पिता चार्टर्ड अकाउंटेंट आशीष गुप्ता हैं। मां अनुप्रिया गुप्ता उद्यमी हैं। अनुप्रिया ने कहा कि इकलौती बेटी अभिजिता के लेखन यात्रा के हर चरण में हमने सहयोग किया। हमें उस पर गर्व है। 5 साल की उम्र से ही उसने लिखना शुरू कर दिया था। अभिजिता को इंटरनैशन बुक ऑफ रेकॉर्ड्स की तरफ से वर्ल्ड यंगेस्ट ऑथर का खिताब दिया गया है। एशिया बुक ऑफ रेकॉर्ड्स ने उन्हें ग्रैंड मास्टर इन राइटिंग का खिताब दिया है। इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड्स ने कहा है कि अभिजिता कविता और गद्य लिखने वाली सबसे कम उम्र की लेखिका हैं।
'जो सुनती-देखती हूं, वही महसूस करती हूं'
अभिजिता को पहली किताब की 10 हजार प्रतियों की रॉयल्टी का एक हिस्सा मिल चुका है। उन्होंने कहा कि मुझे लिखना पसंद है। जो सुनती हूं, देखती हूं और महसूस करती हूं, बस उसी को लिखने की आदत है। अभिजिता ने कहा कि मेरी जल्द ही एक और किताब आने वाली है। कोरोना महामारी और बच्चों पर उसके प्रभाव आदि मुद्दों पर लिखा है।