कश्मीरी मजदूरों का बैंक खाता खरीद लेते थे साइबर ठग, झारखंड में बड़े रैकेट का पर्दाफाश


  • झारखंड पुलिस ने दुमका सहित आसपास से जिलों से गिरफ्तार किए कुख्यात आठ साइबर अपराधी
  • गिरफ्तार आरोपियों के पास से लगभग 1.47 लाख रुपए नकद, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद
  • कश्मीर में काम करने वाले मजदूरों के बैंक खाते और एटीएम कार्ड को उनसे ऊंची कीमत पर खरीद लेते थे अपराधी: एसपी
दुमका। झारखंड के दुमका जिले में नए साल में साइबर अपराधियों पर नकेल कसने में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने दुमका समेत आसपास के जिले के कुख्यात आठ साइबर अपराधियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस को लगभग 1.47 लाख रुपए नकद सहित काफी संख्या में एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक अंबर लकड़ा ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि बीते 31 दिसंबर को दुमका समेत आसपास के जिलों के कुछ साइबर अपराधियों ने लोगों से ठगी कर उनके खाते से रुपये की निकासी की गई थी। जिसकी गुप्त सूचना पुलिस को मिली थी। इस पर पुलिस उपाधीक्षक विजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के कई स्थानों पर छापामारी कर आठ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद हुआ ये सामान
अंबर लकड़ा ने बताया कि इन गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से तालाशी के दौरान 1 लाख 47 हजार 300 रुपए नकद, साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जाने वाले 10 मोबाइल फोन, 29 एटीएम कार्ड, 5 पासबुक और एक पॉलीथीन रबड़ बरामद किया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हो चुकी है।
गिफ्तार आरोपी, दो पहले भी रांची और पश्चिम बंगाल की जेल में काट चुके हैं सजा
आरोपियों में दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के दुधानी ढाका के निवासी जियाउल अंसारी, सलाम अंसारी, नेमुल अंसारी, जामा थाना क्षेत्र के चिटाही छैलापाथर के जियाउल अंसारी, मसलिया थाना क्षेत्र के बड़ा डुमरिया के निजाम अंसारी उर्फ समीम, जामताड़ा जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के जामबाद के विवेक कुमार मंडल, अगया सरमुंडी के कौशल कुमार और नारायणपुर थाना क्षेत्र के पतरोडीह मुकेश मंडल को गिरफ़्तार किया है। इसमें दो साइबर अपराधी पूर्व में रांची और पश्चिम बंगाल के आसनसोल में जेल जा चुके हैं।
कश्मीर में काम करने वाले मजदूरों के खरीद लेते थे बैंक खाते
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार साइबर अपराधियों ने पूछताछ के क्रम में साइबर अपराध में अपनी संलिप्तता कबूल की है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधी कश्मीर में काम करने वाले मजदूरों के बैंक खाते और एटीएम कार्ड को उनसे ऊंची कीमत पर खरीद लेते थे। फिर जिस बैंक में खाता होता था उसी में साइबर क्राइम का रुपया ट्रांसफर कर एटीएम कार्ड के जरिए निकाल लेते थे।