छतरपुर जिला अस्पताल में मरीजों को खून के बदले खून नहीं मिलेगा


  •  ब्लड बैंक से खून के लिए अब मरीजों को रक्तदाता के साथ देने होंगे पैसे
  • पूर्व के कलेक्टर ने पैसे वाले आदेश को रखा था शिथिल
  • कलेक्टर के आदेश बाद मरीजों को एक यूनिट के लिए देने होंगे 1050 रुपये
छतरपुर। एमपी के छतरपुर जिले में एक बार फिर जिला अस्पताल खून से पैसे कमाएगा। दरअसल, जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को अगर रक्त की आवश्यकता होगी तो रक्तदाता होने के बाद भी उन्हें एक यूनिट ब्लड के लिए 1050 रुपये देने होंगे। यह नियम छतरपुर कलेक्टर के आदेश के बाद लागू कर दिया गया है। 4 साल पहले तक इस नियम को जिला अस्पताल छतरपुर के लिए शिथिल कर दिया गया था लेकिन छतरपुर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने इस नियम को एक बार फिर लागू कर दिया है। जिससे जिला अस्पताल में आने वाले गरीब मरीज नासिर खान परेशान हैं। बल्कि अब रक्तदान करने वाले रक्तदाता भी इस नियम को लेकर बेहद चिंतित हैं। यही वजह है कि अब रक्त दाताओं ने रक्तदान करने से दूरियां बना ली है जिसकी वजह से जिला अस्पताल का ब्लड बैंक ब्लड की कमी से जूझ रहा है। रक्त दाता दिनेश यादव का कहना है कि जिला अस्पताल में इस तरह का नियम लागू होना बेहद चिंता जनक है। रक्तदान करने के बाद भी गरीब मरीजों से 1050 रुपए लेना बेहद शर्मनाक है। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ अरुणेंद्र शुक्ला ने बताया कि ब्लड बैंक से अगर कोई मरीज एक यूनिट ब्लड लेता है तो उसे उसके बदले 1050 रुपए की रसीद कटानी होगी। यह पैसा रोगी कल्याण समिति के खाते में जाएगा, जिसका उपयोग जिला अस्पताल के अन्य कामों में किया जाएगा। डॉ अरुणेंद्र शुक्ला ने बताया कि 1050 रुपए की राशि सबसे अधिकतम है। अगर छतरपुर कलेक्टर चाहे तो इस राशि को कम या खत्म भी कर सकते हैं।
तत्कालीन कलेक्टरों ने कर दिया था शिथिल
4 साल पहले तक जिला अस्पताल के अंदर इस नियम को तत्कालीन कलेक्टरों ने शिथिल कर दिया था, जिसकी वजह से जिला अस्पताल के अंदर भर्ती मरीजों को किसी भी प्रकार के रक्त के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता था। रक्त के बदले रक्त आसानी से मिल जाया करता था लेकिन अब इस नियम के बाद से न सिर्फ मरीज खासे परेशान हैं बल्कि रक्तदाता भी निराश हैं। मतदाताओं का कहना है कि अगर उनकी रक्तदान करने के बाद भी मरीजों को पैसा ही देना पड़ेगा तो एक हिसाब से जिला प्रशासन उनके रक्त की दलाली कर रहा है।