दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने सेक्टॉर्शन रैकेट चलाने वाले गैंग को पकड़ा


  • दिल्ली पुलिस की साइबर सेल सेक्सटॉर्शन के 12 केस की कर रही है तफ्तीश
  • पुलिस के मुताबिक, गैंग लोगों को मेल करके या चैट के जरिए करता है ब्लैकमेल
  • साइबर वर्ल्ड में लगातार बढ़ रहे हैं सेक्सटॉर्शन के केस, अनसेफ साइटों से खतरा
  • पुलिस का कहना है कि डरने की जरूरत नहीं है, सावधान रहें और कंप्लेंट करें
सुनील कुमार,(दिल्ली ब्यूरो)। एक्सटॉर्शन (जबरन वसूली) की तरह ही सेक्सटॉर्शन (सेक्सुअल ब्लैकमेलिंग से वसूली) का दिल्ली-एनसीआर समेत देश भर में ट्रेंड बढ़ रहा है। इससे पहले अमेरिका और यूरोप में यह ट्रेंड देखने को मिला था। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के पास हाल ही में सेक्सटॉर्शन के 12 केस रिपोर्ट हुए हैं, जिनकी इनवेस्टिगेशन चल रही है। मान लीजिए, आपने पोर्न साइट्स या अश्लील कंटेंट से जुड़ी साइट विजिट की है। ऐसे में हैकर के पास आपकी सर्फिंग डिटेल बैकअप सॉफ्टवेयर के जरिए रिकॉर्ड होती रहती है। फिर साइट विजिट करने वाले को सोशल मीडिया अकाउंट से ईमेल, नंबर खोज लेते हैं। उसके बाद ईमेल भेजते हैं। उसमें ब्राउंजिंग हिस्ट्री होती है कि आपने क्या देखा, कब देखा। फिर वहां से ब्लैकमेलिंग शुरू होती है। वे लोग ज्यादा शिकार होते हैं, जो अनसिक्योर वेबसाइट्स विजिट करते हैं। आपकी एक्टिविटी को हैकर्स रिकॉर्ड करते हैं। अब आप सोचेंगे कि सेफ साइट क्या होती है। तो ऊपर एचटीटीपी एस लिखा हो। ताला लगा है। यानी कि वह सेफ है। जिस साइट पर लाल रंग का क्रॉस दिखाई दे, ताला न हो। समझो कि वह सिक्योर नहीं है।
कैसे शुरू होता है सेक्सटॉर्शन का गेम
किसी महिला की सुंदर सी पिक्चर के साथ नकली प्रोफाइल बनाते हैं। फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट, मैंसेंजर पर मैसेज और वॉट्सऐप पर 'हाय' लिखकर भेजते हैं। अपोजिट सेक्स बनकर अप्रोच करते हैं। अधिकतर फीमेल बनकर मेल से अप्रोच करते हैं। हां, कुछ जगहों पर फीमेल को हाईप्रोफाइल शख्सियत बनकर मैसेज भेजा जाता है। मान लीजिए सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर आपके पास अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है। आप प्रोफाइल में दिख रही आकर्षक लेडी की फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करते हैं। वहां से कम्यूनिकेशन शुरू। कुछ ही दिनों में आपके साथ घुल मिलकर वह न्यूड फोटोग्राफ, विडियोज एक्सचेंज करते हैं। जिसका पूरा रिकॉर्ड सेक्सटॉर्शन गैंग अपने पास रखता है। इसमें कब आपने उसे न्यूड कंटेट भेजे, सेक्स चैट की।
एविडेंस इकठ्ठा होते ही ब्लैकमेलिंग
अच्छा खासा एविडेंस इकठ्ठा होते ही 'सेक्सटॉर्शन' की शुरुआत होती है। इन सबको पब्लिक कर देने की धमकी देकर पैसे ऐंठते हैं। कई ब्लैकमेलर बिटकॉइन में पेमेंट मांगते हैं। कुछ तो सेक्सुअल डिमांड भी करते हैं। बीते दिनों पूर्वी दिल्ली में एक शादीशुदा को फेसबुक अकाउंट पर पायल गुप्ता नाम (बदला हुआ नाम) से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। मादक अंदाज में फोटो देखकर युवक आकर्षित हो गया। उसने फौरन युवती की फ्रेंडशिप कबूल कर ली। फिर दोनों उस हद तक आगे बढ़ गए कि विडियो कॉल पर सेक्स एक्ट भी करने लगे। सबकुछ हो जाने के बाद युवती ने उसके मोबाइल पर एक विडियो भेजी। विडियो में उसको न्यूड हालत में एक्ट करते हुए रिकॉर्ड कर लिया गया था। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की धमकी देते हुए युवक से मोटी रकम मांगी थी।
सेक्सटॉर्शन की धमकी से डरें नहीं, शिकायत करें
साइबर सेल के डीसीपी अन्येष रॉय ने बताया कि, सेक्सटॉर्शन का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। साइबर सेल के पास इस समय सेक्सटॉर्शन के 12 केस हैं। जिस पर टीमें इनवेस्टिगेशन कर रही है। अपील है कि लोग शर्म संकोच न करें। सीधे पुलिस को कंप्लेंट करें। किसी अनजान से विडियो कॉल के जरिए जुड़ना रिस्क हो सकता है। क्योंकि वीडियो के साथ आपका डेटा भी ट्रांसफर होता है। सेक्सटॉर्शन में आपकी सेक्सुअल एक्टिविटी का विडियो रिकॉर्ड करते हैं। उसे ऐप के जरिए एडिट करके ब्लैकमेलिंग के लिए तैयार कर लेते हैं। अभी तक की केस स्टडी से पता चला है कि लोग इनकी डिमांड मानकर रकम दे बैठते हैं। जबकि दोबारा ब्लैकमेलिंग का खतरा भी बना रहता है। वे लोग दोबारा से उस विडियो का मिसयूज करते हैं। कई बार देखा गया है कि पहली थ्रेट काम नहीं करती तो ये लोग सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के लीगल अफसर बनकर अप्रोच करते हैं। उसके लिए ट्रू कॉलर में अपना नंबर उसी नाम से सेव करते हैं। फिर संपर्क करते हैं कि आपके विडियो और चैट की कंप्लेंट मिली है, इसकी पुलिस रिपोर्ट कर रहे हैं। ऐसी थ्रेट में न आएं। क्योंकि डिजिटल मीडिया में बहुत आसान है, खुद को दूसरे रूप में पेश करना।