चारपाई पर खून, कुएं के पास साड़ी, बदायूं गैंगरेप में दरिंदगी के मिले निशान


  • बदायूं गैंगरेप के बाद हत्या मामले में मुख्य आरोपी फरार
  • मंदिर पहुंची पुलिस को चारपाई पर मिला खून, कुएं के पास मिली महिला की साड़ी
  • सात साल पहले गांव में महंत का चोला पहनकर आया था सत्यनारायण
  • सत्यनारायण का असली नाम सत्यवीर सिंह, मंदिर में करता था तंत्रमंत्र
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुए गैंगरेप के बाद हत्या मामले में पुलिस को मंदिर में दरिंदगी के निशान मिले हैं। आश्रम की चारपाई पर खून के निशान थे। कुएं के पास महिला की साड़ी पड़ी थी। साड़ी भी खून से लथपथ थी। जांच में सामने आया है कि सत्यनारायण बाबा का चोला पहनकर महंत बन गया था जबकि उसका असली नाम सत्यवीर सिंह है। सात साल पहले वह गांव आया और यहां मंदिर में तंत्रमंत्र करने लगा। पुलिस ने बताया कि सत्यनारायण का असली नाम सत्यवीर सिंह है। वह मूलता आंवला के गांव मदपुर का रहने वाला है। वह अपने चार भाइयों उदयवीर, महावीर और सप्पू में सबसे छोटा था। लगभग 20 साल पहले उसने साधु का रूप धारण कर लिया था।
80 साल पुराना मंदिर, 7 साल पहले आया गांव
गैंगरेप की घटना उघैती थानाक्षेत्र के मेवली गांव की है। गांव के जिस मंदिर में घटना हुई वह लगभग 80 साल पुराना है। गांववालों ने बताया कि सत्यनारायण सात साल पहले गांव में आया। यहां लोगों को अपनी बातों में फंसाकर उसने मंदिर में रहकर पूजापाठ करने को कहा। गांववाले राजी हो गए। वह मंदिर में रहकर पूजापाठ करने लगा।
पति के लिए जाती थी मंदिर
ग्रामीणों ने बताया कि सत्यनारायण तंत्रमंत्र भी करता था। कयावली गांव की रहने वाली महिला आंगनबाड़ी सहायिका थी। वह महिला अकसर इस मंदिर में आती थी। लोगों ने बताया कि महिला के पति को कुछ मानसिक परेशानी थी। वह पति के लिए मंदिर आती थी। मंदिर में बाबा ने उसे कहा कि वह उसके पति को ठीक कर देगा। कई बार वह पति को लेकर भी मंदिर गई थी।
बोलेरो से पहुंचे थे आरोपी
घटना के दिन वह बाबा के पास मंदिर गई लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंची। बाद में बाबा उसे अपने चेले वेदराम के साथ गाड़ी में लेकर महिला के घर के बाहर फेंककर आया। वे लोग महिला के घर बोलेरो से पहुंचे थे जिसे जसपाल चला रहा था।
जसपाल के परिवार ने की सीबीआई जांच की मांग
गुरुवार को आरोपी जसपाल के घरवालों ने सीबीआई जांच की मांग की। जसपाल की पत्नी ने कहा कि उसका पति बोलेरो चलाता था। उसका गैंगरेप में कोई हाथ नहीं है। बाबा को जब गाड़ी की जरूरत होती थी तब वह फोन करके जसपाल को बुला लेता था। घटना की रात को जसपाल के पास बाबा का फोन आया। बाबा ने उसे कहा कि एक महिला मंदिर के कुएं में गिर गई है उसे घर छोड़कर आना है। वह तब गया और महिला को गाड़ी में लेकर उसके घर छोड़कर आया। उसका गैंगरेप या हत्या से कोई संबंध नहीं है।