बॉर्डर हो या वायरस की चुनौती, भारत हर समस्या से निपटने के लिए तैयार: पीएम नरेंद्र मोदी


दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली के करिअप्पा परेड ग्राउंड में एनसीसी की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एनसीसी के द्वारा प्रदर्शित की गई कई पैरासेलिंग को देखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनसीसी रैली में प्रदर्शित सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी देखा। बाद में इस सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एनसीसी के बाद भी अनुशासन की भावना आपके साथ रहनी चाहिए। आप अपने आस-पास के लोगों को भी निरंतर इसके लिए प्रेरित करेंगे तो भारत का समाज और देश मज़बूत होगा। दुनिया के सबसे बड़े यूनिफॉर्म, यूथ और राशन के रूप में एनसीसी ने अपनी जो छवि बनाई है वो दिनों दिन और मज़बूत होती जा रही है। शौर्य और सेवा भाव भारतीय परंपरा को जहां बढ़ाया जा रहा है, वहां एनसीसी कैडेट नजर आता है। जहां संविधान के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने का अभियान चल रहा है वहां भी एनसीसी कैडेट दिखते हैं। पर्यावरण, जल संरक्षण या स्वच्छता से जुड़ा कोई अभियान हो वहां एनसीसी के कैडेट जरूर नज़र आते हैं। 
कोरोना के पूरे कालखंड में लाखों लाख कैडेट्स ने देश भर में जिस प्रकार प्रशासन, समाज के साथ मिलकर काम किया है वो प्रशंसनीय है। हमारे संविधान में जिन नागरिक कर्तव्यों की बात कही गई है, वो निभाना सभी का दायित्व हैकोरोना के पूरे कालखंड में लाखों लाख कैडेट्स ने देश भर में जिस प्रकार प्रशासन, समाज के साथ मिलकर काम किया है वो प्रशंसनीय है। हमारे संविधान में जिन नागरिक कर्तव्यों की बात कही गई है, वो निभाना सभी का दायित्व है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये कालखंड चुनौतीपूर्ण तो रहा लेकिन ये अपने साथ अवसर भी लाया। अवसर, चुनौतियों से निपटने का विजयी बनने का। अवसर, देश के लिए कुछ कर गुजरने का। अवसर, देश की क्षमताएं बढ़ाने का। अवसर, आत्मनिर्भर बनने का। अवसर, साधारण से असाधारण और असाधारण से सर्वश्रेष्ठ बनने का। इन सभी लक्ष्यों की प्रप्ति में भारत की युवा शक्ति की भूमिका और युवा शक्ति का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। आप सभी के भीतर मैं एक राष्ट्रसेवक के साथ ही एक राष्ट्र रक्षक भी देखता हूं।
मोदी ने कहा कि हमारे देश में एक समय में सैकड़ों ज़िले नक्सलवाद से प्रभावित थे। लेकिन स्थानीय नागरिकों का कर्तव्य भाव और सुरक्षाबलों का शौर्य साथ आया तो नक्सलवाद की कमर टूटनी शुरू हुई। अब देश के कुछ ज़िलों में ही नक्सलवाद सिमट के रह गया है। पिछले साल, 15 अगस्त को यह घोषणा की गई थी कि तटीय और सीमावर्ती क्षेत्रों के पास, देश के 175 जिलों में एनसीसी को नई जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए सेना, नौसेना और वायु सेना 1 लाख एनसीसी कैडेटों को प्रशिक्षित कर रही है। इनमें से एक तिहाई हमारी गर्ल कैडेट हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते साल भारत ने दिखाया है कि वायरस हो या बॉर्डर की चुनौती, भारत अपनी रक्षा के लिए पूरी मजबूती से हर कदम उठाने में सक्षम है। वैक्सीन का सुरक्षा कवच हो या फिर भारत को चुनौती देने वालों के इरादों को आधुनिक मिसाइल से ध्वस्त करना, भारत हर मोर्चे पर समर्थ है।