चार महीने से गायब था कॉन्स्टेबल, पुलिस विभाग ने लगाया कायरता का आरोप, केस दर्ज


  • ड्यूटी से गायब रहने पर गुजरात पुलिस के एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ कायरता की धारा के तहत केस दर्ज
  • कॉन्स्टेबल पर 4 महीने तक ड्यूटी से गायब रहने और अपने वरिष्ठ अधिकारियों की आज्ञा न मानने का आरोप
  • कॉन्स्टेबल रंजीत सिंह चमनसिंह ने कोर्ट से अपनी संभावित गिरफ्तारी के खिलाफ कानूनी सुरक्षा की मांग की
अहमदाबाद। सुनने में भले ही अजीब लेकिन गुजरात पुलिस के एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ कायरता की धारा के तहत केस दर्ज हुआ है। कॉन्स्टेबल पर 4 महीने तक ड्यूटी से गायब रहने और अपने वरिष्ठ अधिकारियों की आज्ञा न मानने का आरोप है। सोला पुलिस थाने में कार्यरत आरोपी कॉन्स्टेबल रंजीत सिंह चमनसिंह ने कोर्ट से अपनी संभावित गिरफ्तारी के खिलाफ कानूनी सुरक्षा की मांग की है। कॉन्स्टेबल की अंतरिम जमानत की याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। साथ ही कोर्ट ने जांच अधिकारी को पहले उसे नोटिस देकर सात दिन का वक्त देने को कहा, ताकि कॉन्स्टेबल गिरफ्तारी से पहले अपना केस समझा सके। सोला पुलिस ने कॉन्स्टेबल पर चार महीने तक ड्यूटी से नदारद रहने पर कायरता के दुर्लभ आरोप के तहत मामला दर्ज किया।
नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया
अगस्त 2019 में रंजीत सिंह का तबादला घाटलोडिया पुलिस थाने से 'ए' ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में हुआ था। उसे कुछ ट्रैफिक पॉइंट पर तैनात किया गया था। एक साल बाद अगस्त 2020 से वह ड्यूटी से गायब हो गया। विभाग की तरफ से उसे तीन नोटिस जारी की गई लेकिन उसने कभी जवाब नहीं दिया। आखिरकार विभाग ने जीपी ऐक्ट की धारा 145 (2) के तहत ऐक्शन लेने की चेतावनी दी।
हो सकती है तीन साल की जेल
25 दिसंबर को सोला इंस्पेक्टर ने रंजीत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। धारा 145 (2) (a) के अनुसार, कोई भी पुलिस अधिकारी जो कायरता का दोषी पाया जाएगा उसे तीन साल का कारावास या जुर्माना या फिर दोनों के तहत दंडित किया जाएगा। सोला पुलिस इंस्पेक्टर जेपी जडेजा ने बताया कि इस तरह के मामले अधिकतर सैन्य बलों में देखे गए हैं लेकिन पुलिस बल में भी पूर्व में इस तरह के केस सामने आए हैं लेकिन ज्यादा हाइलाइट नहीं हुए।