कानपुर में बर्ड फ्लूः पक्षियों की मौत के बाद बंद किया गया चिड़ियाघर, लगाया गया नोटिस


  • कानपुर के चिड़ियाघर में हुई थी पक्षियों की मौत
  • जांच के लिए सैंपल भेजे गए थे भोपाल, बर्ड फ्लू से पक्षियों के मरने की हुई पुष्टि
  • स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट, कानपुर जू पर्यटकों और मॉर्निग वॉकर्स के लिए किया गया बंद
कानपुर ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के कानपुर में बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है। चिड़ियाघर में चार पक्षियों की मौत के बाद चिड़ियाघर बंद कर दिया गया है। जू के बाहर नोटिस चस्पा कर पर्यटकों और मॉर्निंग वॉकर्स के आने पर रोक लगा दी गई है। उधर जू के अंदर बीमार पक्षियों को अलग रखकर उनका खास ख्याल रखा जा रहा है। दो दिन पहले कानपुर चिड़ियाघर में चार पक्षियों की मौत हो गई थी। मृत पक्षियों में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए गए थे। जू प्रशासन ने पक्षियों को पोस्टमॉटर्म के लिए भोपाल रिसर्च सेंटर भेजा था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चारों पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू से हुई है। जू प्रशासन के साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है।
बाहर से आने वाले चिकन पर पाबंदी
भोपाल रिसर्च सेंटर में जांच के बाद पता चला है कि पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू से हुई थी। रिपोर्ट आने के बाद जू प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक अलर्ट हो गया है। 7 बाड़ों में 935 पक्षियों को रखा गया है। इसमें लगभग सभी प्रकार के पक्षी शामिल हैं। अचानक पक्षियों की मौत के बाद जू प्रशासन ने सर्तकता दिखाते हुए जानवरों के लिए बाहर से आने वाले चिकन पर पाबंदी लगा दी है।
दवा छिड़काव और साफ-सफाई का चल रहा काम
दरअसल बर्ड फ्लू मुर्गियों से फैलता है। जू में बने पक्षियों के बाड़ों को ढक दिया गया है। इसके साथ ही दवाओं के छिड़काव और साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही पक्षियों के बाड़े की मिट्टी और मल को भी जांच के लिए भेजा गया है। जू के बाहर नोटिस लगाया गया है। जिसमें लिखा है कि बर्ड फ्लू के कारण जू पर्यटकों और मॉर्निंग वॉकर्स के लिए बंद किया जा रहा है। जू अगले आदेशों तक बंद रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
सीएमओ डॉ अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि बर्ड फ्लू कोरोना से ज्यादा खतनाक बीमारी है। जो सावधानियां कोरोना से बचने के लिए अपना रहे है, वही सावधानी बर्ड फ्लू से बचने के लिए करनी होगी। बर्ड फ्लू को देखते हुए प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों को पूरी तैयारी के साथ अलर्ट रहने को कहा गया है।