सर्दी की ठिठुरन में बेसहारों को कंबल बांटते हैं एसएचओ विनय त्यागी


दिल्ली ब्यूरो। 25 से ज्यादा आतंकियों व बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर करने वाला दिल्ली पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर के अंदर भी दिल है। इंस्पेक्टर विनय त्यागी ठिठुरती सर्दी में रात के समय निकलते हैं। अगर कोई गरीब व बेसहारा सोते हुए मिल गया तो उसे कंबल उड़ाते हैं और जगा हुआ मिल गया तो उसे कंबल व गर्म कपड़े देते हैं। इंस्पेक्टर त्यागी करीब 15 वर्षों से ऐसा कर रहे हैं। दिल्ली के कुछ इलाकों में रहने वाले गरीब व बेसहारा लोगों से अब उनकी दोस्ती भी हो गई है। इंस्पेक्टर विनय त्यागी इस समय दक्षिण जिले के कोटला मुबारकपुर थाने के थानाध्यक्ष हैं। बुलंदशहर, यूपी निवासी विनय त्यागी वर्ष 1995 में बतौर सब-इंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। वह दिल्ली पुलिस में ज्यादातर समय स्पेशल सेल व अपराध शाखा में तैनात रहे हैं। उन्होंने तत्कालीन सीनियर अफसर एसीपी राजवीर व संजीव यादव की देखरेख में 30 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं। इन एनकाउंटर में 25 से ज्यादा आतंकियों व गैंगस्टर को मुठभेड़ में ढ़ेर कर दिया था। पांच मार्च, 2005 में द्वारका इलाके में तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। 21 जून, 2005 में प्रगति मैदान के पास दो आतंकियों को ढ़ेर किया था। गुजरात के गृहमंत्री हिरेन पांडया की हत्या के आरोपी दो आतंकियों को वर्ष 2006 में मुठभेड़ में ढ़ेर कर दिया था। शाहदरा इलाके में एक रात में मां, तीन बेटियों व चौकीदार के कत्ल को भी विनय त्यागी की टीम ने ही खोला था।  दिल्ली पुलिस में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से जाने वाले विनय त्यागी का एक दूसरा चेहरा भी है। वह हर साल कड़कड़ाती सर्दी में रात को निकलते हैं और गरीबों को गर्म कपड़े बांटते हैं। अगर कोई सोता हुआ मिल गया तो वह उसे उड़ा देते हैं और जगा मिल गया तो उसे देते हैं। वह ज्यादातर लोधी कॉलोनी में साईं मंदिर,यमुना पार स्थित कोड़ी कॉलोनी, निजामुद्दीन, सफदरजंग अस्पताल, एम्स व हनुमान मंदिर के पास रहने वाले गरीब लोगों को कपड़ें बांटते हैं। दिल्ली में रात को गरीब लोगों को ढूंढने के लिए काफी घूमते हैं और जहां भी कोई गरीब मिल जाता है वही रूक जाते हैं। 
इंस्पेक्टर विनय त्यागी ने बताया कि वह अपने पैसे से कंबल व गर्म कपड़े बांटते हैं। वह साल वर्ष पैसा एकत्रित करते हैं। जब कड़कड़ाती सर्दी पडने लग जाती है वह उन पैसों से गरीब को गर्म कपड़े बांटते हैं। पैसे एकत्रित करने के लिए वह अपने कई शौक पूरे नहीं करते। थानाध्यक्ष विनय त्यागी ने बताया कि गरीब को कंबल व गर्म कपड़े बांटकर उन्हें अजीब से शकुन मिलता है। इससे दिल खुश रहता है। ऐसा लगता कि ऐसा कर बहुत बड़ी खुशी मिल गई। रात में कड़कड़ाती सर्दी में तबीयत खराब होने आदि का भय नहीं रहता।