शिक्षा की लगन ने बनाया चाय वाला, संगम किनारे नन्‍हें बजरंगी यूं उठा रहे अपनी पढ़ाई का खर्चा


प्रयागराज। कहते हैं अगर आप में लगन के साथ कुछ करने की क्षमता हो तो मंजिल पाने से आप को कोई नहीं रोक सकता। कुछ ऐसा ही जज्बा प्रयागराज के संगम किनारे चौथी कक्षा में पढ़ने वाले बालक बजरंगी में देखने को मिल रहा है। माली हालत ठीक ना होने के कारण 10 साल के बजरंगी अपनी पढ़ाई का खर्चा चाय बेचकर उठा रहे हैं। इनको अपने परिवार के रूप में त्यागी बाबा मिले हैं, जिन्होंने पाल-पोस कर इन्हें बड़ा किया है। संगम तट पर आने वाले श्रद्धालु बजरंगी के जज्‍बे की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। नन्हा बजरंगी संगम किनारे रहने वाले त्यागी बाबा को नदी किनारे पड़ा मिला था। बाबा ने बजरंगी का पालन-पोषण किया। हालांकि इस दौरान त्यागी बाबा को काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। नदी किनारे मिले बजरंगी को बाबा योग शिक्षा भी देने लगे। त्यागी बाबा संगम किनारे ऊंचाई पर रहते हैं। बाबा की काम करने की क्षमता अब कम हो गई है। इसलिए बाबा ने बजरंगी के लिए एक चाय की दुकान संगम में खुलवा दी ताकि उसकी पढ़ाई में कोई अवरोध ना पड़े।
दुकान के पैसे से मोबाइल कराते हैं रिचार्ज
संगम पर अक्षय वट मार्ग जाने वाले रास्ते में बजरंगी ने अपनी चाय की दुकान लगा रखी है। माथे पर टीका लगाए बजरंगी ने बखूबी दुकान को संभाल लिया है। वह दारागंज के राधा रमण इंटर कॉलेज में पढ़ाई करता है। उसकी पढ़ाई की लगन देखकर किसी ने दान में 4G मोबाइल फोन दिया है। इसी मोबाइल के सहारे बजरंगी अपनी ऑनलाइन क्‍लास लेते हैं। चाय की दुकान से मिले पैसों से वह मोबाइल रिचार्ज करवाते हैं। अपने लिए कॉपी किताब भी इसी दुकान के सहारे इन्‍होंने खरीदा है। बजरंगी पढ़-लिख कर एक अच्छे इंसान और ऑफिसर बनना चाहते हैं। इसी इच्‍छा के साथ वह लगन के साथ पढ़ाई करते हैं। साथ में चाय की दुकान भी चलाते हैं ताकि पढ़ाई में कोई रुकावट ना आए।