गाजियाबाद में 1 अप्रैल से सर्कल रेट पर देना होगा हाउस टैक्स, 20 से 40 फीसदी तक हो सकती है बढ़ोत्तरी


गाजियाबाद ब्यूरो। नगर निगम हाउस टैक्स बढ़ाने के लिए 1 अप्रैल से नई पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है। अब सिटी एरिया की सभी प्रॉपर्टी पर नगर निगम जमीन के मौजूदा सर्कल रेट के हिसाब से हाउस टैक्स लगाएगा। इसके लिए निगम के टैक्स विभाग की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। वहीं नाम न छापने की शर्त पर नगर निगम के ही एक अधिकारी ने बताया कि नई पॉलिसी में हाउस टैक्स में 20-40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी। कर निर्धारण अधिकारी डॉक्टर संजीव सिन्हा ने बताया कि अभी तक शहर में पुरानी पॉलिसी के हिसाब से टैक्स लगाया जाता रहा है। यह पॉलिसी लोकेशन बेस्ड है। इसके तहत 0-12 फुट की चौड़ाई वाली सड़क की लोकेशन पर बने मकानों पर हाउस टैक्स 76 पैसे प्रति वर्ग फुट, 12-24 फुट चौड़ी सड़क पर बने मकानों पर 96 पैसे प्रति वर्ग फुट और 24 फुट से अधिक चौड़ी सड़क पर 1 रुपये 14 पैसे फुट के हिसाब से टैक्स लिया जाता था। डॉ. संजीव सिन्हा के मुताबिक, सरकारी निर्देशों के हिसाब से 1 अप्रैल से शहर में हाउस टैक्स की नई पॉलिसी लागू होगी। इसके तहत टैक्स लोकेशन के हिसाब से नहीं बल्कि वहां के सर्कल रेट के हिसाब से तय होंगे। सर्कल रेट डीएम की ओर से जो तय होगा उसी हिसाब से लिया जाएगा। उन्होंने अभी यह बताने से इनकार कर दिया कि नई पॉलिसी के हिसाब से टैक्स में औसत तौर पर कितना इजाफा होगा। वहीं नाम न छापने की शर्त पर नगर निगम के ही एक अधिकारी ने बताया कि नई पॉलिसी में हाउस टैक्स में 20-40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी।
वीआईपी कॉलोनी में ज्यादा टैक्स
नई पॉलिसी के हिसाब से शहर की वीआईपी कॉलोनी जैसे- राजनगर, कविनगर, शास्त्रीनगर, पटेल नगर, नेहरू नगर, मॉडल टाउन, इंदिरापुरम, वैशाली, राजेन्द्र नगर आदि में रहने वाले लोगों को हाउस टैक्स ज्यादा देना पड़ेगा। इन पर 30 से 40 प्रतिशत हाउस टैक्स का बोझ बढ़ सकता है। मध्यम और न्यूनतम सर्कल रेट की जमीन पर बने मकान मालिकों को भी ज्यादा टैक्स देना होगा।
21 फरवरी तक दे सकते हैं आपत्ति
सर्कल रेट के हिसाब से टैक्स लगाने के लिए निगम ने जो नोटिफिकेशन प्रकाशित किया है, उसमें 15 दिनों के अंदर आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। आपत्ति दर्ज करने वाले को नगर निगम की कर निर्धारण कमिटी सुनवाई के लिए बुलाएगी। निगम का प्लान है कि 1 अप्रैल यानि नए वित्त वर्ष से नई पॉलिसी के हिसाब से टैक्स लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए।