मेरठ में 200 करोड़ का घोटाला,पत्नी-ड्राइवर के नाम से फर्जी कंपनी


मेरठ। उत्तर प्रदेश में केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय ने मेरठ और गाज़ियाबाद के लगभग 11 ठिकानों पर छापे मारकर 200 करोड़ के जीएसटी के फर्जी बिलों के एक मामले को उजागर किया है। इसमें दो करोड़ तेईस लाख रुपये छापा मार कर बरामद भी किया गया है। वहीं घोटाले के सरगना को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है, जिसने मेरठ में 30 फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी की चोरी करने काम किया था। आरोपी ने अपनी पत्नी और ड्राइवर के नाम पर फर्जी कंपनियां बना रखी थीं। आरोपी के अन्य साथियों की जीएसटी की टीम तलाश कर रही है। जीएसटी की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपी की पहचान गाजियाबाद के रहने वाले विकास जैन के रूप में हुई है। विकास जैन ने मेरठ में 30 फर्जी कंपनियों के माध्यम से 200 करोड़ों रुपए के फर्जी बिलों का घोटाला किया था। इसमें टीम ने लगभग सवा दो करोड़ रुपए मौके से बरामद किए। विकास जैन ने फर्जी कंपनी अपनी पत्नी और ड्राइवर के नाम से खोल रखी थी। इसके माध्यम से वह फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था।
फर्जी बिल काटकर सरकार को लगा रहा था चूना
विकास जैन मुख्यतः सरिया और सीमेंट कंपनी के बिल काटकर सरकार को चूना लगाने का काम कर रहा था। इसमें केंद्रीय जीएसटी मेरठ टीम ने विकास जैन को मेरठ के एक फ्लैट से धर दबोचा और जेल भेज दिया। विकास जैन ने लगभग 2 साल में 42 करोड़ के क्रेडिट के इनवॉइस काटे लेकिन माल की आपूर्ति नहीं की। जीएसटी टीम ने मेरठ में ही 30 कंपनियां जो फर्जी विकास जैन ने बना रखी थीं, उनका भंडाफोड़ किया। कंपनियों की जगह रिहायशी जगह के अड्रेस दिए गए थे। विकास जैन मोबाइल नंबर भी अपने ड्राइवर के नाम से प्रयोग में लाता था। छापे के दौरान टीम को बहुत सारे संदेहास्पद कागजात कई बैंकों की चेक बुक और फर्जी बिल बरामद हुए। जीएसटी कमिश्नर मेरठ सत्येंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि विकास जैन गाजियाबाद क्रॉसिंग रिपब्लिक में रहता है। उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है।