फाइनैंस कंपनी संचालक से अवैध वसूली के आरोप में एक कॉन्स्टेबल समेत 2 ​गिरफ्तार, सब इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी फरार


  • अवैध वसूली के मामले में पुलिस ने एक कॉन्स्टेबल समेत 2 को गिरफ्तार किया है
  • कंपनी के 2 लोगों पकड़कर ले गए थे पुलिसकर्मी, छोड़ने के लिए मांगे 7 लाख
  • बाकी बची हुई रकम लेने आए थे दोनों
  • फाइनेंस कंपनी संचालक के खिलाफ भी जांच
नोएडा। यूपी में नोएडा के सेक्टर-65 स्थित एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से अवैध वसूली के मामले में फेस-3 कोतवाली पुलिस ने एक कॉन्स्टेबल समेत 2 को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा सब इंस्पेक्टर समेत 5 पुलिसकर्मी फरार हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी फाइनेंस कंपनी की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद कंपनी संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। नोएडा पुलिस कमिश्नरेट मीडिया सेल के मुताबिक, नोएडा के सेक्टर-65 में बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज का दफ्तर है। फाइनेंस संचालक माजू चौहान ने सोमवार को फेस-3 पुलिस से शिकायत की थी कि उनसे अवैध वसूली की जा रही है। 10 फरवरी को उनके दफ्तर में नोएडा साइबर थाने में तैनात होने की बात कहकर सिविल ड्रेस में दो लोग पहुंचे थे। पुलिसकर्मी वसीम, सुहैल और परवेज को पकड़कर साथ ले गए। इन्हें छोड़ने की एवज में उन्होंने 7 लाख रुपये की डिमांड की थी। बाद में 5 लाख रुपये में साइबर पुलिसकर्मी और माजू चौहान के बीच डील फाइनल हुई। बताया गया है कि उसी दिन 2 लाख रुपये लेकर फाईनेंस कंपनी के तीनों कर्मचारियों को छोड़ दिया गया। अब बचे हुए तीन लाख रुपये की डिमांड करने लगे, न देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई।
बाकी बची हुई रकम लेने आए थे दोनों
पुलिस कमिश्नरेट मीडिया सेल के मुताबिक, 14 फरवरी को बची हुई 3 लाख रुपये की रकम देने के लिए साइबर सेल में तैनात पुलिसकर्मियों ने फाईनेंस कंपनी संचालक को नोएडा स्टेडियम के गेट पर बुलाया। उधर, मामले की सूचना फाईनेंस कंपनी संचालक ने 12-22 चौकी पर तैनात पुलिस को दे दी। यहां से पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार कर लिया। साइबर पुलिस की तरफ से सोनू को रुपये लेने के लिए नोएडा स्टेडियम के गेट पर भेजा गया। मौके पर मौजूद फेस-3 कोतवाली पुलिस ने सोनू से कड़ी पूछताछ की। बताया गया है कि सोनू को पैसे लेने के लिए साइबर थाने में तैनात नितिन चौधरी ने भेजा था। सोनू नितिन का दोस्त है।
फाइनेंस कंपनी संचालक के खिलाफ भी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर क्राइम थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर चेतन प्रकाश, कांस्टेबल सुमित पावला, सुमित शर्मा, अतुल नागर और कॉन्स्टेबल सुमित मंडार की संलिप्ता भी सामने आई है। ये सभी आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। पुलिस फर्जी फाइनेंस कंपनी संचालक के खिलाफ भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर फाइनेंस कंपनी संचालक और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगीं।