गाजियाबाद डबल मर्डर: 9 साल की बच्ची ने सुनाई आपबीती



  • 9 साल की गौरी ने सुनाई दर्दनाक मंजर की कहानी
  • रुपये के बारे में जानकारी करने के लिए घर मौजूद पहले ट्यूटर को मारी गोली
  • गोली मारने के बाद सिलबट्टे, पेचकस और चाकू से किया हमला
  • आरोपी महिला के साथ उसका साथी भी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार
गाजियाबाद ब्यूरो। सरिता विहार में अपनी भतीजी के घर पहुंची चाची ने चाय पीने के बाद रुपये के लालच में परिवार के साथ जो बर्बरता की उससे पूरा गाजियाबाद हिल गया। साथ ही रिश्ते और इंसानियत एक साथ तार-तार हुई। हमले में महिला और किशोरी की मौत के बाद तीन बच्चे जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ घटना के कुछ घंटे बाद मासूम की ओर से दी गई जानकारी के बाद पुलिस ने आरोपी महिला और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से घर से लूटा हुआ 1 लाख रुपये कैश के साथ जूलरी बरामद की गई है। एसएसपी ने बताया कि डॉली और अंशु की हत्या के साथ तीन बच्चों पर जानलेवा हमला करने के मामले में डॉली की ही रिश्ते की चाची उमा और उसके साथी सोनू को गिरफ्तार किया गया है। सोनू को डासना में मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया, उसके पैर में गोली लगी है। इस मामले को पुलिस गंभीरता से ले रही है। उमा के पति हरीश की इस घटना में भूमिका के बारे में जानकारी जुटाने में पुलिस लगी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपी उमा ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि डॉली के ससुर ने 12 लाख रुपये की कमिटी उठाई है। साथ ही उनके घर का भी बयाना हुआ है। इस कारण रुपये के लालच में आकर उसने सोनू के साथ मिलकर घटना की प्लानिंग की थी। वह शनिवार की शाम करीब 7:30 बजे डॉली के घर गए थे। इस दौरान उसके बच्चे गौरी, मीनाक्षी और रूद्र ट्यूटर से पढ़ रहे थे। इन लोगों ने पहले डॉली के साथ बैठकर चाय पी। बात करने के दौरान ही सोनू ने कहा कि जिस काम के लिए आए हैं वह तो कर लें। इसके बाद उसने बच्चों को एक कमरे में ले गया। उसके साथ डॉली और अंशु भी थीं। वह घर में रखे कैश और जूलरी के बारे में जानकारी करने लगे।
कैश के बारे में नहीं बताया तो अंशु को मारी गोली
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि सोनू के पास बंदूक थी। उसने पहले डॉली से कैश के बारे में पूछा तो उसके मना कर दिया। इसके बाद सोनू ने अंशु को गोली मार दी। इसके बाद डॉली डर गई और उसने जानकारी दे दी। जानकारी मिलने के बाद उसने डॉली को गोली मार दी। इस दौरान बच्चे कमरे में ही थे। उसने बच्चों पर गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन गोली चली नहीं। आरोपी उमा ने बताया कि घटना के दौरान वह बाहर खड़ी थी। गोली लगने के बाद डॉली और अंशु तड़प रहे थे। सोनू बाहर आया और किचन से सिलबट्टा, चाकू और पेचकस ले गया। इसके बाद उसने अधमरी डॉली और अंशु पर हमला करना शुरू कर दिया। डॉली की छोटी बेटी मीनाक्षी अपनी मां को बचाने के लिए आगे आई तो आरोपी ने उसके बाल को पकड़कर फेंक दिया। इसके बाद उसने उसे जमीन पर पटक दिया।
बच्चों को मरा समझकर चला गया
इस पूरी घटना के दौरान डॉली की बड़ी बेटी 9 साल की गौरी चोट लगने के बाद किसी प्रकार बेड के नीचे चली गई। इस दौरान आरोपी ने उसकी छोटी बहन मीनाक्षी पर भी कई हमले किए। 5 साल के रूद्र को भी आरोपी सोनू ने नहीं छोड़ा। उसकी गर्दन पर हमला किया गया। बाद में वह बच्चों को भी मरा हुआ समझकर चला गया।
ससुर के घर लौटने पर गौरी ने बताया पूरा मंजर
डॉली के ससुर लोकमन जादौन ने बताया कि जब वह घर लौटे तो सब कुछ बिखरा हुआ था। उन्होंने आवाज लगाई तो कोई नीचे नहीं आया। आसपास के लोग दौड़कर ऊपर गए तो वह मंजर देखकर दंग रह गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना देने के बाद अस्पताल पहुंचाने के लिए बच्चों को उठाया तो गौरी ने परिवार को बताया कि अम्मा ने मम्मी को मारा है। जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए कुछ घंटों में ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।